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यह काम करने वालों पर हत्या से भी ज्यादा पड़ता है पाप, नहीं रहता World में कही ठिकाना, पाई पाई को हो जाते हैं मोहताज

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हाइलाइट्स:

  • World में माता-पिता का सम्मान हर धर्म और समाज में अनिवार्य माना गया है।
  • माता-पिता को अपमानित करने वाले व्यक्ति समाज से बहिष्कृत हो जाते हैं।
  • धार्मिक और कानूनी दृष्टि से भी माता-पिता को कष्ट देना सबसे बड़ा पाप माना गया है।
  • कई देशों में World भर में माता-पिता के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कानून लागू किए गए हैं।
  • संस्कारों की कमी और स्वार्थ की प्रवृत्ति ऐसे अपराधों को बढ़ावा देती है।

माता-पिता की पीड़ा: संतान के अत्याचार का दंश

माता-पिता अपने बच्चों की खुशी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं, लेकिन जब वही संतान World भर में माता-पिता को प्रताड़ित करने की घटनाओं को जन्म देती है, तो यह सबसे बड़ा अपराध बन जाता है। दुनिया में ऐसा कोई धर्म या संस्कृति नहीं है जो माता-पिता के अपमान को सही ठहराए। फिर भी, आधुनिक समाज में कई उदाहरण सामने आते हैं जहां संतानें अपने ही माता-पिता को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित करती हैं।

कानूनी दृष्टि से माता-पिता को प्रताड़ित करना अपराध

आज World के कई देशों में माता-पिता के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। भारत में भी “वरिष्ठ नागरिक देखभाल और कल्याण अधिनियम 2007” (Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007) के तहत माता-पिता की देखभाल न करने और उन्हें प्रताड़ित करने पर सजा का प्रावधान है।

अन्य देशों में कानून:

  • अमेरिका: एल्डर एब्यूज लॉ (Elder Abuse Law) के तहत माता-पिता पर अत्याचार करने वाले व्यक्ति को जेल हो सकती है।
  • यूनाइटेड किंगडम: केयर एक्ट 2014 (Care Act 2014) के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की जाती है।
  • ऑस्ट्रेलिया: यहां “एल्डर एब्यूज प्रोटेक्शन लॉ” (Elder Abuse Protection Law) लागू है।

माता-पिता को अपमानित करने वाले का भविष्य अंधकारमय

जो संतान अपने माता-पिता को प्रताड़ित करती है, उनका जीवन कठिनाइयों से भर जाता है। कई अध्ययन बताते हैं कि World भर में माता-पिता के प्रति गलत व्यवहार करने वालों को भविष्य में गंभीर मानसिक तनाव, सामाजिक बहिष्कार और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

ऐसे लोगों को होने वाले दुष्परिणाम:

  1. सामाजिक बहिष्कार: समाज ऐसे लोगों को तिरस्कार की दृष्टि से देखता है।
  2. आर्थिक संकट: माता-पिता की दुआएं न मिलने के कारण जीवन में वित्तीय संकट आते हैं।
  3. मानसिक तनाव: अपराधबोध और ग्लानि का भाव जीवनभर पीछा करता है।
  4. कानूनी कार्रवाई: World के कई देशों में जेल की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान है।

धार्मिक दृष्टिकोण: माता-पिता का सम्मान सबसे बड़ा कर्तव्य

हिंदू धर्म में:

  • मनुस्मृति और अन्य धार्मिक ग्रंथों में माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया गया है।
  • श्रवण कुमार का उदाहरण दिया जाता है, जिन्होंने अपने नेत्रहीन माता-पिता की सेवा की।

इस्लाम में:

  • इस्लाम में माता-पिता की सेवा को जन्नत प्राप्ति का मार्ग बताया गया है।
  • हदीस में कहा गया है कि “माता के चरणों में जन्नत होती है।”

ईसाई धर्म में:

  • बाइबल में माता-पिता के सम्मान की शिक्षा दी गई है।
  • “अपने माता-पिता का आदर करो ताकि तुम्हारी आयु लंबी हो।” (निर्गमन 20:12)

समाज में बढ़ती स्वार्थपरता: संस्कारों की कमी या आधुनिकता का प्रभाव?

आजकल लोगों की प्राथमिकताएं बदल गई हैं। आधुनिक जीवनशैली और व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण परिवार के मूल्यों में गिरावट आई है। लोग अपने करियर और व्यक्तिगत जीवन में इतने व्यस्त हो गए हैं कि माता-पिता के प्रति अपने कर्तव्यों को भूलते जा रहे हैं।

कारण:

  • सांस्कृतिक बदलाव: पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव से संयुक्त परिवार प्रणाली कमजोर हो रही है।
  • तकनीक का प्रभाव: डिजिटल दुनिया में रिश्तों की अहमियत कम होती जा रही है।
  • आर्थिक तनाव: जीवन की दौड़ में लोग माता-पिता की भावनाओं को नजरअंदाज करने लगे हैं।

कैसे रोका जा सकता है माता-पिता का उत्पीड़न?

World भर में माता-पिता के अधिकारों की रक्षा के लिए समाज, सरकार और परिवार को मिलकर काम करना होगा। माता-पिता के अधिकारों की रक्षा के लिए कठोर कानूनों को सख्ती से लागू करना होगा और साथ ही नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देना होगा।

समाधान:

  1. कानूनी सख्ती: माता-पिता की देखभाल से इनकार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
  2. सामाजिक जागरूकता: स्कूलों और कॉलेजों में नैतिक शिक्षा को अनिवार्य किया जाए।
  3. परिवार की मजबूती: बच्चों में पारिवारिक मूल्यों को विकसित किया जाए।
  4. मीडिया की भूमिका: फिल्मों, टीवी और सोशल मीडिया में माता-पिता के सम्मान को बढ़ावा दिया जाए।

माता-पिता को सम्मान देना ही सच्ची सफलता

माता-पिता की सेवा और सम्मान ही जीवन की असली सफलता है। जो व्यक्ति अपने माता-पिता को प्रताड़ित करता है, वह समाज में कभी भी सुख और शांति से नहीं जी सकता। कानून, समाज और धर्म—तीनों ही World भर में Parents Abuse को सबसे बड़ा पाप मानते हैं। इसलिए हमें अपने माता-पिता की देखभाल करनी चाहिए, ताकि हमारा भविष्य उज्ज्वल हो और समाज में सकारात्मकता बनी रहे।

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