Imran Pratapgarhi

Imran Pratapgarhi का आग उगलता भाषण: ‘बुलडोज़र पर क्यों चढ़ा दिया गया इंसाफ? मस्जिदें, घर, कब्रें… कब तक रहेंगी निशाने पर?

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हाइलाइट्स:

इमरान प्रतापगढ़ी ने संसद में बुलडोजर राजनीति पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद और मशहूर शायर Imran Pratapgarhi ने हाल ही में संसद में एक जोशीला भाषण दिया, जिसमें उन्होंने सरकार की बुलडोजर नीति पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “जब भी इस देश की जमीन को लहू की जरूरत होगी, आपसे दो कदम आगे इमरान खड़ा रहेगा।” उनका यह बयान अब राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

बुलडोजर कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया

संसद में बोलते हुए Imran Pratapgarhi ने सरकार से आग्रह किया कि धर्म, जाति और संप्रदाय के नाम पर लोगों को निशाना न बनाया जाए। उन्होंने कहा:

“हमसे हमारी इबादतगाहें तो मत छीनिए, हमारे घरों पर बुलडोजर तो मत चलाइए, हमारी कब्रों में तो हमें सुकून से सोने दीजिए।”

उनके इस बयान के बाद सदन में गर्मागर्म बहस शुरू हो गई। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बुलडोजर का उपयोग केवल एक विशेष समुदाय के खिलाफ किया जा रहा है, जो असंवैधानिक है।

सत्तापक्ष की प्रतिक्रिया

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने Imran Pratapgarhi के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि बुलडोजर का इस्तेमाल केवल अवैध निर्माणों के खिलाफ किया जा रहा है, इसमें धर्म का कोई संबंध नहीं है।

भाजपा सांसदों ने इमरान प्रतापगढ़ी पर “धार्मिक भावनाओं को भड़काने” का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष सरकार को बदनाम करने के लिए इस तरह के मुद्दों को तूल दे रहा है।

सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा भाषण

इमरान प्रतापगढ़ी का यह भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ट्विटर पर #ImranPratapgarhi ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स उनके समर्थन और विरोध में ट्वीट कर रहे हैं।

  • एक यूजर ने लिखा, “इमरान प्रतापगढ़ी ने संसद में जनता की आवाज उठाई है, सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।”
  • वहीं, दूसरे यूजर ने कहा, “राजनीति में धर्म को घसीटना सही नहीं है, यह सिर्फ वोटबैंक की राजनीति है।”

राजनीतिक माहौल गर्माया

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इमरान प्रतापगढ़ी का यह बयान आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर दिया गया है। उनके इस बयान के बाद विपक्ष और सत्तारूढ़ दलों के बीच तनातनी और बढ़ गई है।

वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए इसे “जनता की आवाज” बताया है।

क्या कहता है कानून?

संविधान के अनुसार, किसी भी नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है। हालांकि, सरकार का कहना है कि “बुलडोजर केवल अवैध निर्माणों पर चलाया जाता है, यह किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है।”

इमरान प्रतापगढ़ी के बयान से एक बार फिर बुलडोजर राजनीति चर्चा में आ गई है। जहां एक ओर विपक्ष इसे “संप्रदाय विशेष के खिलाफ कार्रवाई” बता रहा है, वहीं सरकार इसे न्याय और कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया” कह रही है।

आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाएगा या शांत होगा, यह देखने वाली बात होगी। लेकिन एक बात तय है कि Imran Pratapgarhi का यह बयान लंबे समय तक राजनीतिक गलियारों में गूंजता रहेगा।

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