Haunted Kothi: भूत चुड़ैलों का नाम सुनकर भी लोग कांप उठते हैं। इस समय 21वीं सदी चल रही है। इंसान पढ़ा लिखा है लेकिन इसके बावजूद भी कुछ किस्से ऐसे होते हैं। जो आज भी अनसुलझे हुए हैं। जिनका कोई राज अभी तक नहीं सुलझ पाया। 50 साल से अनसुलझे ऐसे केस जहां पर रात में जाना लोगों के लिए काफी खतरनाक माना जाता है। उन्हीं में से आज मैं आपको कुछ भूतिया स्थानों के बारे में बताने जा रहा हूं। 

हसनापुर का पुराना भट्ठा

जरौली नेवादा के पास पड़ने वाले ग्राम हसनापुर के पश्चिम में एक बहुत वीरान सी जगह पड़ी हुई है। जिसे के गांव के लोगों द्वारा बताया जाता है कि कभी यहां पर एक भट्ठा हुआ करता था। 
जहां एक छोटा सा तालाब था। उसमें एक धोबी कपड़ा धोते हुए डूब गया था। लोगों का ऐसा मानना है कि आज भी रात में उस धोबी के कपड़े धोने की आवाजें आती रहती हैं। इसलिए रात में उधर से लोग नहीं गुजरते हैं।

हॉन्टेड मकान सांडी

हरदोई से सांडी जाते समय जब पक्षी विहार के पास एक तिराहा है। उसी जगह पर एक haunted kothi बनी हुई है जिसको बने हुए लगभग 40 साल हो गया है। लेकिन आज तक उस बिल्डिंग में कोई नहीं रहता। ऐसा माना जाता है कि जो भी उस haunted kothi में रहता है उसे तरह-तरह की चीखें सुनाई पड़ती है। इसीलिए वह बिल्डिंग नई होने के बावजूद भी खंडहर में तब्दील हो गई और आज भी कोई उस बिल्डिंग में नहीं रुकता है।

गर्रा रिवर संबजलपुर

संबलपुर के पास से गर्रा नदी गुजरती है। लोगों का ऐसा मानना है कि जब भी गर्रा नदी में बाढ़ आती है तो किसी ना किसी को हर वर्ष उसमें डूब कर मरना पड़ता है। इसलिए उस गांव के लोग गर्रा नदी के आसपास तक बाढ़ के समय नहीं जाते हैं। 
गांव वालों के अनुसार यह प्रक्रिया आज नहीं सैकड़ों वर्षों से उनसे चली आ रही है। हर साल जब भी बाढ़ आती है तो कोई ना कोई जरूर डूबता है। ऐसा क्यों होता है इस बात का आज तक पता नहीं चल पाया है।

भुतही कोठी शारदा नहर

नहरो के आसपास कई कोठियां देखने को मिल जाएंगे। जिसमें शारदा नहर के अंतर्गत कार्य करने वाले कर्मचारी रात गुजारते हैं। लोगों का ऐसा भी मानना है कि उनमें से बहुत सी ऐसी कोठियां भी हैं जिनको अंग्रेजों द्वारा बनवाया गया है। 
ऐसी ही haunted kothi हरदोई से सांडी जाते समय नहर के किनारे पड़ती है। जो पूरी तरह से खंडहर हो चुकी है। एक व्यक्ति द्वारा बताया गया कि बरसात के दिनों में जब काफी बरसात हो रही थी तो वह रात में वहीं रुक गया लेकिन जैसे युवा सोने वाला था तो उसे उस haunted kothi से चीखने और चिल्लाने की आवाजें सुनाई पड़ने लगी। 
वह व्यक्ति रात में वहां से उठ कर भाग खड़ा हुआ। आसपास के लोगों का भी यह मानना है कि वह कोठी भुतही है और रात में उस में अजीबोगरीब आवाज आते हैं। जिसके कारण रात में उस haunted kothi के आसपास भी कोई व्यक्ति दिखाई नहीं देता है।

हरदोई की 6 मंजिला कोठी

डीएम चौराहा के आगे जाने पर यह haunted kothi दिखाई देती है। जो 6 मंजिल ऊंची है। ऐसा माना जाता है कि यह सैकड़ों साल पुरानी है। हालांकि उसका मेंटेनेंस आज भी बहुत अच्छा है किंतु उसमें जो भी किराएदार रहने जाता है वह एक रात से ज्यादा नहीं रुक पाता है। 
आसपास के लोगों का यह भी मानना है कि इस haunted kothi में जब कोई भी नहीं रहता है तब भी कई तरह की अजीबोगरीब आवाज आती रहती है। इसलिए ज्यादातर लोग उस कोठी में किराए पर कमरा नहीं लेते हैं किंतु अगर कोई अनजान व्यक्ति कमरा ले  भी लेता है तो उसे सुबह ही वह कमरा खाली करना पड़ जाता है।
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