Dussehra एक ऐसा पर्व है जो असत्य पर सत्य की जीत को याद दिलाता है। भारत में यह त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन रावण नामक राक्षस का पुतला भी दहन किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि Dussehra के दिन ही राम ने रावण का वध किया था। जिससे यह माना जाता है कि सत्य पर चलने वाले राम की विजय हुई थी और असत्य पर चलने वाले रावण की हार हुई थी। 

Dussehra के दिन करें यह पांच काम पूरी होंगी मन की सभी मनोकामनायें

Dussehra साल का ऐसा त्यौहार है जिसे बच्चों से लेकर बूढ़े तक बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं। इसी कारण यह भारत में बहुत ही ज्यादा लोकप्रिय हैं। Dussehra का त्योहार भारत के कोने-कोने में मनाया जाता है। Dussehra का त्यौहार सिर्फ मनाने से ही काम नहीं चलता है। अगर इस दिन कुछ ऐसे काम किए जाएं जो इंसान के हित में हो तो आगे भविष्य में व्यक्ति की बहुत ही ज्यादा उन्नति होती है और उसे भगवान राम की कृपा प्राप्ति होती है। 
आज मै पांच ऐसे ही काम बताने जा रहा हूं जिन्हें Dussehra पर करने से सभी तरह की  मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और यह पूरी तरह से सत्य है। ऐसा करने पर जरूर मन की  सभी मुरादें पूरी होती हैं। अब आइए जान लेते हैं उन 5 कामों के बारे में-
गरीबों की करें मदद
Dussehra पर गरीब, असहाय, अपंग लोगों की मदद करना इस त्यौहार पर बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि ऐसे लोगों की मदद करने से भगवान राम बहुत ही ज्यादा प्रसन्न होते हैं।  ऐसा करने वालों को मुंह मांगा वरदान देते हैं। ताकि उनकी सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी हो सके। 
इस अवसर पर गरीबों को खाना खिला सकते हैं। उन्हें नए कपड़े खरीद सकते हैं या फिर उन्हें खुश करने के लिए या उनके उद्धार के लिए कुछ ऐसा कार्य कर सकते हैं। जिनसे उनके मन को पूरी तरह से संतुष्टि मिले और वह आपको आशीर्वाद दे सकें।
गर्व न करें
ऐसा माना जाता है कि रावण भी बहुत ज्यादा घमंड करता था और उसका ऐसा हाल हुआ कि उसकी पूरी लंका ही ढह गई। इसलिए इस पर्व के पावन अवसर पर किसी तरह का घमंड किए हुए सभी लोगों से प्यार से मिले। 
खासकर उन लोगों से जरूर मिले जिन लोगों को आपकी जरूरत है। जिससे उन्हें इस बात का एहसास होगा कि आपके अंदर घमंड नाम की चीज नहीं है। हालांकि यह सिर्फ आपको दिखावा ही नहीं करना है। इसे दिल से करना है। ऐसा करने से भी  सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 
बच्चों को बांटे उपहार
बच्चे भी भगवान का दूसरा रूप माने जाते हैं। इसलिए बच्चों का महत्व बहुत ही ज्यादा होता है। अगर भगवान श्री रामचंद्र जी का आशीर्वाद पाना है तो बच्चों के प्रति प्रेम और लगाव रखें और दशहरे के दिन उन्हें अपनी श्रद्धा के अनुसार जो भी हो सके  उपहार दें। 
साथ ही उनके साथ समय भी व्यतीत करें ताकि उनके अंदर भी खुशी मिले और वह आपको सबसे प्रिय बता सकें। ऐसा करने से भी भगवान श्री रामचंद्र जी बहुत ज्यादा प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को मनचाहा वरदान देते हैं।
माता-पिता का सम्मान करें
आज के समय में काफी परिवर्तन हुआ है। पढ़े लिखे लोग ही अपने माता और पिता का सम्मान नहीं करते हैं। ऐसा करने से वह घोर नरक में जाते हैं। दशहरे के दिन अपने माता पिता को पूरा समय देकर उनकी सेवा करें और उनका आशीर्वाद लें। उन्हें खुश रखें ताकि उनका आशीर्वाद आपके लिए वरदान साबित हो। 
जो लोग अपने बुजुर्ग माता-पिता की मन लगाकर सेवा करते हैं। उन्हें मनचाहा फल मिलता है। यह सिर्फ दशहरे के दिन ही नहीं करना है। इसे जीवन में हर समय करते रहना चाहिए। क्योंकि भगवान का भी ऐसा मानना है कि दुनिया के सबसे बड़े देवता या देवी माता और पिता ही होते हैं। इसके बाद ही अन्य किसी का नंबर आता है। इसलिए उन्हें किसी भी हालत में दुखी ना रखें।
रामायण का पाठ करें 
दशहरे के दिन रामायण का पाठ करने से इंसान को भगवान राम के चरित्र के बारे में पता चलता है और अगर व्यक्ति उनके चरित्र में से कुछ चीजें भी अपना लेता है तो वह सदैव के लिए सुखी और संपन्न हो जाता है। उसके आगे पीछे खुशियां घूमती रहती हैं। भगवान राम के बताए रास्ते पर चलने से इंसान के सभी तरह के कष्ट कट जाते हैं और उसकी सभी मुरादें भी पूरी होती हैं। 
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