हाइलाइट्स:
- Private School Fees बढ़ोतरी पर आम आदमी पार्टी के नेता ऋतुराज झा ने भाजपा सरकार को घेरा।
- AAP का दावा: “हमारी सरकार के दौरान 10 सालों तक फीस में बढ़ोतरी नहीं हुई।”
- भाजपा के सत्ता में आते ही निजी स्कूलों की फीस में अप्रत्याशित वृद्धि।
- दिल्ली सरकार की नई नीति से अभिभावकों में नाराजगी।
- आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करने की दी चेतावनी।
दिल्ली में हमारी सरकार ने 10 सालों तक प्राइवेट स्कूल के फीस नहीं बढ़ाने दिए अब भाजपा की सरकार बनते ही मनमानी फीस बढ़ा दिया
— RITURAJ JHA (@MLARituraj) April 4, 2025
दिल्ली में Private School Fees बनी अभिभावकों के लिए चिंता का विषय
दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती फीस को लेकर Private School Fees एक प्रमुख मुद्दा बनता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता ऋतुराज झा ने इस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जब AAP सत्ता में थी, तब उन्होंने 10 सालों तक स्कूलों की फीस में वृद्धि नहीं होने दी। लेकिन भाजपा की सरकार बनते ही फीस बढ़ा दी गई, जिससे माता-पिता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
ऋतुराज झा का आरोप: भाजपा सरकार ने दी Private School Fees बढ़ाने की छूट
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता ऋतुराज झा ने कहा कि दिल्ली में जब उनकी पार्टी की सरकार थी, तब Private School Fees को स्थिर रखा गया था। उन्होंने कहा,
“हमने प्राइवेट स्कूलों को फीस बढ़ाने से रोका था ताकि बच्चों की शिक्षा सुलभ बनी रहे। लेकिन भाजपा के सत्ता में आते ही शिक्षा का व्यवसायीकरण हो गया है और फीस मनमाने तरीके से बढ़ा दी गई है।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर स्कूलों को फीस बढ़ाने की खुली छूट दी, जिससे अब गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने को लेकर परेशान हैं।
अभिभावकों में नाराजगी, शिक्षा प्रणाली पर सवाल
दिल्ली के कई निजी स्कूलों ने Private School Fees में अचानक 15% से 30% तक की वृद्धि कर दी है। अभिभावकों का कहना है कि यह उनके लिए एक बड़ा आर्थिक झटका है।
एक अभिभावक का बयान:
किरण गुप्ता, जिनकी बेटी दिल्ली के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में पढ़ती है, ने कहा:
“हर साल स्कूल वाले फीस में थोड़ा बहुत इजाफा करते थे, लेकिन इस बार यह बढ़ोतरी असहनीय है। हम पहले ही महंगाई की मार झेल रहे हैं, अब बच्चों की पढ़ाई भी महंगी हो गई है।”
एक अन्य माता-पिता ने कहा:
“जब आम आदमी पार्टी सत्ता में थी, तब फीस स्थिर थी। लेकिन अब हर साल नए बहाने से फीस बढ़ा दी जाती है। सरकार को इस पर रोक लगानी चाहिए।”
भाजपा सरकार का पक्ष: फीस बढ़ोतरी को उचित ठहराया
दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ निजी स्कूलों ने कोरोना महामारी के दौरान फीस नहीं बढ़ाई थी, इसलिए अब वे अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए Private School Fees बढ़ा रहे हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“स्कूलों को भी संचालन लागत में हो रही वृद्धि को ध्यान में रखना होता है। कई स्कूलों ने शिक्षकों के वेतन बढ़ाए हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया है, इसलिए वे अपनी फीस में बदलाव कर रहे हैं।”
हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि फीस बढ़ाने की प्रक्रिया में सभी स्कूलों को उचित नियमों का पालन करना होगा और मनमानी बढ़ोतरी की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आम आदमी पार्टी का आंदोलन करने का ऐलान
ऋतुराज झा ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द से जल्द Private School Fees बढ़ाने के फैसले को वापस नहीं लिया, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा,
“हम यह अन्याय नहीं सहेंगे। यह शिक्षा के अधिकार पर हमला है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
AAP के इस बयान के बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। अब देखना होगा कि भाजपा सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।
दिल्ली में Private School Fees में हो रही बढ़ोतरी से हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। एक तरफ निजी स्कूल इसे अपनी आवश्यकताओं के लिए जरूरी बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी इसे सरकार की नाकामी करार दे रही है। इस विवाद के बीच आम जनता को राहत मिलेगी या नहीं, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।