नई दिल्ली: देश में इस समय coal problem का बड़ा संकट माना जा रहा है। जबकि भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट रूप से कहना है कि किसी तरह का कोई संकट नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि पहले आक्सीजन का इंतजाम नहीं कर पाए। अब कोयले का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। साहब, 18 घंटे दफ्तर में करते क्या हैं?
 मनमोहन सिंह के टि्वट से काफी बातें स्पष्ट हो जाती हैं। हालांकि मनमोहन सिंह ने अपने ट्वीट के माध्यम से यह कहना चाहा है कि अगर प्रधानमंत्री मोदी जी 18 घंटे दफ्तर में काम करने का दावा करते हैं तो इस तरह की समस्याएं भारत में क्यों आती हैं। आखिरी इन समस्याओं का पहले से ही निस्तारण क्यों नहीं किया जाता। 

पहले आक्सीजन की समस्या और अब Coal Problem, साहब कैसे 18 घंटे काम करते हैं

अगर माना जाए तो कोयला फैक्ट्री जो बिजली का उत्पादन करती हैं। उनके पास कम से कम 17 दिन के लिए बिजली उत्पादन हेतु कोयला उपलब्ध होना चाहिए लेकिन उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित प्रदेशों में अब सिर्फ 2 से 3 दिन का coal problem बचा है। प्रदेश सरकारों ने स्पष्ट रूप से बता रहे हैं कि coal problem है किंतु भाजपा का साफ कहना है या सिर्फ अफवाह उड़ाई जा रही है।

 

इस तरह की कोई समस्या ना है और ना ही आने वाली है। किंतु इस बयान के बावजूद भी उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में बिजली कटौती का समय बहुत ज्यादा बढ़ा दिया गया है। जहां गांव में 19 घंटे बिजली मिलती थी वहां अब सिर्फ 6 से 8 घंटे ही बिजली पहुंचाई जा रही है। coal problem आखिर ऐसी समस्या नहीं है तो वह ऐसा क्यों किया जा रहा है।  भाजपा के अनुसार ऐसा करने वाले के ऊपर तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए। ताकि सुचारू रूप से सभी को बिजली मिल सके। coal problem हालांकि शहरों में भी तीन से चार घंटों की कटौती शुरू कर दी गई है। जबकि केंद्र सरकार इसको मानने को किसी भी तरीके से तैयार नहीं है।

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