हाइलाइट्स:
- CO Civil Line Abhay Pandey का वीडियो वायरल, बुजुर्ग महिला के पैरों में गिरने के बावजूद नहीं दिखाई संवेदना
- गाय चोरी मामले में पीड़ित परिवार को ही बना दिया आरोपी, बाप-बेटे को भेजा जेल
- गोकुलपुर गांव के सैकड़ों लोग SSP कार्यालय पहुंचकर की इंसाफ की मांग
- पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, जनता में आक्रोश
- अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कार्यवाही की मांग
मामला क्या है?
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें CO Civil Line Abhay Pandey का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक बुजुर्ग महिला सड़क पर CO Civil Line Abhay Pandey के पैरों में गिरकर रोते हुए न्याय की गुहार लगा रही है। लेकिन अफसोस की बात यह है कि अधिकारी ने महिला की भावनाओं की कद्र न करते हुए उसे फटकार लगा दी।
यह घटना तब सामने आई जब गोकुलपुर गांव निवासी राजकुमार, जो कि पेशे से दूध विक्रेता है, एक गाय को सड़क पर भटकते देख अपने घर ले आया। कुछ समय बाद गाय के मालिक ने थाना सिविल लाइन में तहरीर दी और पुलिस ने बिना गहराई से जांच किए राजकुमार और उसके बेटे को गंभीर धाराओं में जेल भेज दिया।
पीड़ित का दर्द और जनता का गुस्सा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जब राजकुमार की पत्नी, जो खुद एक वृद्ध महिला हैं, न्याय के लिए CO Civil Line Abhay Pandey के पास पहुंचीं, तो उन्होंने न केवल महिला की बात अनसुनी कर दी, बल्कि अपमानजनक ढंग से जवाब भी दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, राजकुमार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और उन्होंने केवल गाय को सुरक्षित स्थान पर रखा था ताकि किसी वाहन की चपेट में न आए। इसके बावजूद उन्हें ‘गाय चोरी’ के मामले में जेल भेज दिया गया, जिससे गांव में रोष फैल गया।
गोकुलपुर गांव से निकली न्याय की आवाज़
राजकुमार और उनके बेटे को जेल भेजे जाने के बाद, गोकुलपुर गांव के सैकड़ों लोग SSP कार्यालय पर पहुंच गए और प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि CO Civil Line Abhay Pandey ने सत्ता और वर्दी का गलत इस्तेमाल किया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और CO Civil Line Abhay Pandey के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
अलीगढ़ पुलिस का अमानवीय चेहरा आया सामने, CO सिविल लाइन अभय पांडे के पैरों में बुजुर्ग महिला
पैर छूकर फरियाद कर रही महिला को CO ने फटकारा, गाय चोरी में पीड़ित के पति, बेटे को भेजा था जेल
सड़क पर घूम रही गाय राजकुमार लेकर पहुंचा था घर, गाय मालिक ने थाना सिविल लाइन में दी थी तहरीर… pic.twitter.com/UfYozuQhDG
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) April 5, 2025
क्या कहती है पुलिस?
जब इस पूरे प्रकरण पर सिविल लाइन थाने के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि FIR गाय मालिक की तहरीर पर दर्ज की गई है और CO Civil Line Abhay Pandey ने नियमानुसार कार्रवाई की है। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने पीड़ित की बात को गंभीरता से लिया, तो कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया।
मानवाधिकार और पुलिस का दायित्व
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पुलिस मानवाधिकारों का पालन कर रही है? एक वृद्ध महिला, जो खुद को असहाय महसूस कर रही थी, CO Civil Line Abhay Pandey के सामने रोती रही, लेकिन उसे न्याय के स्थान पर अपमान मिला।
पुलिस का दायित्व है कि वह हर व्यक्ति की बात को समान रूप से सुने और निष्पक्ष रूप से जांच करे। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ, और इसका प्रमाण है सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वह वीडियो, जिसमें CO Civil Line Abhay Pandey की संवेदनहीनता साफ दिखाई देती है।
वीडियो वायरल: लोगों की प्रतिक्रिया
यह वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ट्विटर और फेसबुक पर हैशटैग #JusticeForRajkumar और CO Civil Line Abhay Pandey ट्रेंड करने लगा। कुछ यूज़र्स ने इसे ‘पुलिस की तानाशाही’ बताया तो कुछ ने सीधे तौर पर CO Civil Line Abhay Pandey को बर्खास्त करने की मांग की।
क्या होगी अगली कार्रवाई?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में उचित कदम उठाएगा? क्या CO Civil Line Abhay Pandey के खिलाफ विभागीय जांच शुरू होगी या यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
SSP अलीगढ़ से जब इस मामले पर प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने जांच की बात कही, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
इस पूरे मामले ने न केवल CO Civil Line Abhay Pandey की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र की संवेदनशीलता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया है। जब जनता ही पुलिस से न्याय की मांग करते हुए अपमानित हो, तो ऐसे में कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा डगमगाने लगता है।
जरूरत है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता से जांच हो और दोषियों को सजा मिले, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हों। CO Civil Line Abhay Pandey पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषमुक्त या दोषसिद्ध साबित करने का काम अब प्रशासन के ऊपर है।