हाइलाइट्स:
- Bareilly Police पर युवक को अगवा करने और फिरौती मांगने का सनसनीखेज आरोप
- चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी तत्काल प्रभाव से निलंबित
- युवक को पीटकर दबाव में लाने की कोशिश, वीडियो वायरल होने पर मामला उजागर
- परिवार की शिकायत के बाद SSP बरेली ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
- जनता में Bareilly Police की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश
मामला: जब खाकी पहनने वाले ही बन गए अपहरणकर्ता
बरेली, उत्तर प्रदेश।
पुलिस जिसे जनता की रक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा सौंपा गया है, वही जब अपराधियों जैसी हरकत करे तो समाज का भरोसा टूटता है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से सामने आया है, जहां Bareilly Police के तीन सिपाहियों ने मिलकर एक युवक का कथित तौर पर अपहरण किया और उससे दो लाख रुपये की मांग की।
यह घटना शहर के इज्जतनगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां एक चौकी प्रभारी और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने मिलकर युवक को अगवा किया, उसे एक निजी वाहन में बैठाकर एक सुनसान स्थान पर ले गए, और वहां मारपीट कर फिरौती मांगी।
कैसे हुआ खुलासा? सोशल मीडिया बना गवाह
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब युवक के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें युवक घायल अवस्था में नजर आ रहा है और आरोप लगा रहा है कि Bareilly Police के कुछ अधिकारी उसे जबरन उठा ले गए और पैसे मांगे।
वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी।
— Bareilly Police (@bareillypolice) April 5, 2025
वरिष्ठ अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया
जैसे ही यह मामला सामने आया, बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने तुरंत एक जांच टीम गठित की। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी अपनी मर्यादा से बाहर जाकर इस अपराध में संलिप्त पाए गए हैं।
SSP ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“हम अपराधियों को सजा देने के लिए हैं, अगर हमारी ही वर्दी में कोई गलत कार्य करता है तो उसे भी कानून का सामना करना पड़ेगा। Bareilly Police की छवि धूमिल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
पीड़ित परिवार का दर्द
पीड़ित युवक के पिता ने बताया कि उनका बेटा घर से बाजार गया था, लेकिन देर रात तक नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आया जिसमें कहा गया कि यदि वह अपने बेटे को सही सलामत वापस चाहते हैं तो दो लाख रुपये की व्यवस्था करें। जब उन्होंने बात आगे बढ़ाई तो पता चला कि इस कॉल के पीछे कोई बाहरी नहीं बल्कि खुद Bareilly Police के कुछ लोग हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर समय रहते वीडियो वायरल न होता और मीडिया में मामला न आता, तो शायद उनके बेटे को झूठे मुकदमों में फंसा दिया जाता।
Bareilly Police पर सवालिया निशान
इस घटना ने एक बार फिर Bareilly Police की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले भी बरेली में थानों पर भ्रष्टाचार, मारपीट और फर्जी मुकदमों की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार मामला बेहद गंभीर है क्योंकि इसमें फिरौती जैसे संगीन अपराध की बात सामने आई है।
निलंबन और जांच का आदेश
SSP बरेली ने मीडिया को जानकारी दी कि तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कठोरतम सजा मिले।
राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और Bareilly Police से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
कानून का रखवाला या डर का सौदागर?
जब किसी आम नागरिक को अपराधियों से नहीं बल्कि पुलिस से डर लगने लगे तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है। यह घटना न केवल पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाती है बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही की भी मांग करती है।
कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और पूर्व पुलिस अधिकारियों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
Bareilly Police के लिए संकट की घड़ी
इस घटना ने पूरे राज्य में पुलिस प्रशासन की छवि को प्रभावित किया है, खासतौर पर Bareilly Police को लेकर जनता का भरोसा हिल गया है। सोशल मीडिया पर लोग तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और “खाकी में लुटेरे” जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
अब ज़रूरत है पारदर्शिता और जवाबदेही की
यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि यह घटना केवल बरेली की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की पुलिस व्यवस्था की पोल खोलती है। जब वर्दी में अपराधी घूमने लगें और वर्दीधारी ही फिरौती मांगने लगें, तो सुधार की सख्त जरूरत होती है।
सरकार को चाहिए कि Bareilly Police समेत पूरे प्रदेश की पुलिस प्रणाली में जवाबदेही तय की जाए और ऐसे मामलों में “Zero Tolerance Policy” अपनाई जाए।