हाइलाइट्स:
- Navratri Puja सही तरीके से करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
- माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा से अलग-अलग प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं।
- व्रत, पूजा विधि और मंत्रों का सही उच्चारण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- नवरात्रि में कलश स्थापना और हवन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
- इस लेख में जानें Navratri Puja की सम्पूर्ण विधि और महत्व।
नवरात्रि: शक्ति की उपासना का पावन पर्व
नवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस पर्व के दौरान भक्तजन उपवास रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और माँ दुर्गा से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति Navratri Puja विधि-विधान से करता है, उसे कभी भी धन और समृद्धि की कमी नहीं होती।
इस लेख में हम आपको Navratri Puja की सम्पूर्ण विधि, माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने के सही तरीके और इससे मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताएंगे।
नवरात्रि पूजन विधि: इस तरह करें माँ दुर्गा की आराधना
1. कलश स्थापना (Ghatasthapana)
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है, जिसे नवरात्रि पूजा का सबसे महत्वपूर्ण भाग माना जाता है।
कलश स्थापना की विधि:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- एक पीतल या मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं और उसमें जल भरें।
- कलश पर स्वस्तिक बनाकर उसके ऊपर नारियल रखें।
- कलश के पास माँ दुर्गा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- दीप जलाकर पूजा प्रारंभ करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
2. माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा विधि
Navratri Puja के दौरान माँ दुर्गा के प्रत्येक रूप की विशेष पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि किस दिन किस देवी की पूजा करें और इसका क्या महत्व है।
पहला दिन – माँ शैलपुत्री
- यह माँ पार्वती का प्रथम रूप है।
- घी का भोग लगाने से आयु और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।
दूसरा दिन – माँ ब्रह्मचारिणी
- ज्ञान और तप की देवी हैं।
- मिश्री और पंचामृत का भोग लगाने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
तीसरा दिन – माँ चंद्रघंटा
- यह माँ दुर्गा का शक्तिशाली रूप है।
- दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाने से समृद्धि आती है।
चौथा दिन – माँ कूष्मांडा
- यह सृजन और ऊर्जा की देवी हैं।
- मालपुए का भोग लगाने से बुद्धि और निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है।
पांचवां दिन – माँ स्कंदमाता
- यह भगवान कार्तिकेय की माता हैं।
- केले का भोग लगाने से संतान सुख की प्राप्ति होती है।
छठा दिन – माँ कात्यायनी
- विवाह और प्रेम संबंधों में सफलता दिलाने वाली देवी हैं।
- शहद का भोग लगाने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है।
सातवां दिन – माँ कालरात्रि
- यह संकटों का नाश करने वाली देवी हैं।
- गुड़ का भोग लगाने से सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों से बचाव होता है।
आठवां दिन – माँ महागौरी
- यह शुद्धता और कल्याण की देवी हैं।
- नारियल का भोग लगाने से इच्छाएं पूर्ण होती हैं।
नौवां दिन – माँ सिद्धिदात्री
- यह सिद्धि और मोक्ष प्रदान करने वाली देवी हैं।
- तिल और चने का भोग लगाने से सभी कार्य सिद्ध होते हैं।
धन और समृद्धि के लिए विशेष उपाय
यदि आप चाहते हैं कि आपकी जिंदगी में कभी भी धन और सुख-शांति की कमी न हो, तो नवरात्रि में निम्नलिखित उपाय जरूर करें:
- Navratri Puja के दौरान घर में साफ-सफाई रखें और पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
- माँ लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा करें और हर दिन दीप जलाएं।
- नवरात्रि के नौ दिनों तक “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे” मंत्र का 108 बार जाप करें।
- गरीबों को भोजन कराएं और कन्याओं का पूजन करें।
- नवरात्रि के अंतिम दिन हवन करें और माँ दुर्गा को लाल चुनरी अर्पित करें।
Navratri Puja से जुड़े आम सवाल-जवाब
1. नवरात्रि में कौन-कौन से रंग पहनने चाहिए?
नवरात्रि में हर दिन विशेष रंग का महत्व होता है। जैसे पहले दिन लाल, दूसरे दिन पीला, तीसरे दिन हरा आदि। इन रंगों को धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
2. क्या नवरात्रि में प्याज-लहसुन खाना वर्जित है?
हां, नवरात्रि में सात्विक भोजन करने की परंपरा है। इसलिए प्याज-लहसुन, मांस और शराब आदि से परहेज किया जाता है।
3. यदि कोई व्रत न रख सके तो क्या करे?
अगर कोई व्यक्ति स्वास्थ्य कारणों से व्रत नहीं रख सकता, तो वह फलाहार कर सकता है और माँ दुर्गा की पूजा विधिपूर्वक कर सकता है।
नवरात्रि सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और शक्ति की साधना का समय होता है। अगर आप Navratri Puja की विधि को सही तरीके से अपनाते हैं और माँ दुर्गा के सभी नौ स्वरूपों की श्रद्धा से आराधना करते हैं, तो आपके जीवन में कभी भी धन, सुख और शांति की कमी नहीं होगी।
तो इस नवरात्रि माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से उनकी पूजा करें और जीवन में सुख-समृद्धि लाएं।