हाइलाइट्स:
- बंगाल में रामनवमी की शोभायात्रा को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल, बीजेपी ने की बड़े आयोजनों की घोषणा।
- उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने दिए सख्त निर्देश, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसओपी लागू।
- पिछले साल बंगाल में हुई थी हिंसा, इस बार प्रशासन ने उठाए पुख्ता कदम।
- सीएम योगी ने धार्मिक आयोजनों पर दोहरे रवैये की आलोचना की, कहा- “शांति बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता।”
- सोशल मीडिया पर रामनवमी और ईद को लेकर बहस तेज, प्रशासन ने अफवाहों पर कड़ी नजर रखनी शुरू की।
बंगाल में रामनवमी पर गरमाई सियासत, यूपी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
रामनवमी 2025 को लेकर पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बंगाल में बीजेपी द्वारा निकाली जाने वाली शोभायात्राओं को लेकर प्रशासन और राज्य सरकार आमने-सामने आ गए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में किसी भी हाल में शांति व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी।
बंगाल में बीजेपी की बड़ी घोषणा, रामनवमी पर भव्य आयोजन की तैयारी
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने ऐलान किया है कि इस बार रामनवमी के अवसर पर कई जिलों में विशाल शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। पार्टी का कहना है कि यह यात्रा धार्मिक भावना से प्रेरित है और किसी भी प्रकार की राजनीतिक उथल-पुथल इसका उद्देश्य नहीं है।
हालांकि, राज्य सरकार की ओर से इन आयोजनों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बंगाल में पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक आयोजनों के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
हिंदू से ज्यादा रंग-बिरंगे कपड़े मुसलमान पहनते हैं तो फिर रंग से परहेज क्यों?
ये तो दोहरा आचरण है, रंग-बिरंगे कपड़े पहनें लेकिन रंग पड़ जाए तो हाय-तौबा मचाते हैं, ये नहीं हो सकता है… pic.twitter.com/KM3PiaQdYx
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 26, 2025
योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, कहा- ‘दोहरे रवैये से बचें’
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ANI से बातचीत में कहा कि राज्य में धार्मिक आयोजनों को लेकर पहले से ही एसओपी तय कर दी गई है। योगी ने कहा:
“उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने धर्मस्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों की ध्वनि को नियंत्रित किया। अगर यूपी में यह संभव है, तो बंगाल में क्यों नहीं? सभी को समान नियमों का पालन करना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि कोई भी धर्म या संप्रदाय दूसरे को नीचा दिखाने के लिए अपनी परंपराओं का उपयोग न करे।
2024 की हिंसा को देखते हुए प्रशासन सतर्क
2024 में रामनवमी के दौरान बंगाल में कई जगहों पर हिंसा भड़क उठी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने कई आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने तक की बात कही थी। इस बार भी प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर, प्रशासन अलर्ट पर
रामनवमी और ईद दोनों लगभग आसपास होने के कारण सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर शुरू हो चुका है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: रामनवमी 2025 की तारीख क्या है?
A: रामनवमी इस साल 6 Apr, 2025 को मनाई जाएगी।
Q2: क्या पश्चिम बंगाल में रामनवमी यात्रा पर रोक लगाई गई है?
A: नहीं, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
Q3: उत्तर प्रदेश में रामनवमी को लेकर क्या निर्देश दिए गए हैं?
A: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले से ही एसओपी जारी कर दी है, जिसमें शांति बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
Q4: क्या सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने पर कार्रवाई होगी?
A: हां, प्रशासन सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा।
Q5: रामनवमी और ईद एक साथ आने पर क्या विवाद हो सकता है?
A: प्रशासन ने साफ किया है कि सभी धार्मिक आयोजनों को सम्मान दिया जाएगा और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रामनवमी 2025 को लेकर बंगाल और उत्तर प्रदेश में चर्चाएं जोरों पर हैं। बीजेपी जहां भव्य शोभायात्रा निकालने की तैयारी कर रही है, वहीं प्रशासन किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सतर्क है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में कोई भी माहौल खराब नहीं कर सकता। अब देखना होगा कि रामनवमी और ईद दोनों त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जाते हैं या फिर किसी राजनीतिक उथल-पुथल का शिकार होते हैं।
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