Home Latest News क्राइम ब्रांच और काकादेव पुलिस ने नवीन नगर में एक साल से...

क्राइम ब्रांच और काकादेव पुलिस ने नवीन नगर में एक साल से अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर के नाम पर चल रहे ठगी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया

क्राइम ब्रांच और काकादेव पुलिस ने नवीन नगर में एक साल से अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर के नाम पर चल रहे ठगी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कॉल सेंटर के नाम पर अमेरिकी नागरिकों के सिस्टम का डाटा हैक किया जाता था। गैंग अब तक 9 लाख अमेरिकी डॉलर (7 करोड़) की ठगी कर चुका है। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
नोएडा के सेक्टर-25 में रहने वाला मास्टरमाइंड मोहिंद्रा शर्मा एक साल से यहां नेटवर्क चला रहा था। उसने पुणे विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और पिछले साल लॉकडाउन में दिल्ली की एक कंपनी के संपर्क में आने के बाद यहां कॉल सेंटर खोल दिया था। उसके साथ फिरोजाबाद का संजीव गुप्ता, प्रतापगढ़ का जिकुरल्ला और शारदा नगर का सूरज सुमन शामिल है। शातिरों ने अब तक 12 हजार लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। एसओजी प्रभारी विनोद कुमार ने काकादेव थाने में तहरीर दी है।
ये हुई बरामदगी
कम्प्यूटर की 27 हार्ड डिस्क, अलग-अलग बैंकों के 16 एटीएम कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड, डीएल, पांच मोबाइल, अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक का डेबिट कार्ड, 2 पैन कार्ड और होटल ताज का मेंबरशिप कार्ड बरामद हुआ है।
ऐसे करते थे ठगी
अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर से शातिर नए अंदाज में फंसाते थे। किसी भी साइट पर आने वाले विज्ञापन जैसे दस दिन में वजन कम करें, बालों का गिरना बंद करें, पेट कम करें, घुटनों को मजबूत करें आदि विज्ञापनों को अमेरिका में बैठा व्यक्ति जैसे ही क्लिक करते देखता था तुरंत मालवेयर (एक प्रकार का वायरस) उसके सिस्टम में आ जाता था। मालवेयर सिस्टम में जाने के बाद बार-बार पाप अप मैसेज स्क्रीन पर आता था। इसके साथ ही एक हेल्पलाइन नंबर जो कि इस कॉल सेंटर का होता था वह भी ब्लिंक करता था। लोग टेक सपोर्ट के लिए जब इस पर फोन करते थे शातिर एप डाउनलोड करने के लिए कहते थे। जैसे ही लोग कॉलर की बातों में आकर एप डाउनलोड करते थे वैसे ही ये उनका सारा डाटा यह हैक कर लेते थे।
सर्विस के नाम पर प्लान बेचते थे
मालवेयर हटाने और सर्विस देने के नाम पर कॉल सेंटर से प्लॉन बेंचा जाता था जो छह महीने और सालभर का होता था। जब कभी सर्विस सही नहीं मिलती थी तो पैसा वापस करने के नाम पर लोगों को ठगने का खेल शुरू होता था। कॉल सेंटर पर आने वाली विदेशी काल को भी साफ्टवेयर से अलग-अलग समय पर अलग लोगों को ट्रांसफर कर दिया जाता था।
ले लेते थे रिमोट एक्सेस
डाटा हैक करने के बाद शातिर अकाउंट आदि की डिटेल के एचटीएमएल में जाकर कोडिंग चेंज कर देते थे। इसके बाद सर्विस देने के नाम पर फीस लेते थे। इसके बाद वह लोगों के अकाउंट में जमा रकम को कई गुना बढ़ाकर दिखाते और फिर पैसे वापस करने के नाम पर बड़ी रकम उनके एकांउट में डाल देते, जो कि बस कोडिंग चेंज होने के कारण वह दिखती थी लेकिन असल में एक रुपया भी नहीं जाता था और लोग ठगी का शिकार हो जाते थे।
वापस मांगते थे ज्यादा पैसा
किसी को एक हजार डॉलर वापस करने होते थे वह उसको दस हजार का मैसेज भेजते थे। जब सर्विस लेने वाला व्यक्ति देखता तो उसे दस हजार डॉलर शो करता था। इसके बाद वह ईमानदारी दिखाते हुए कॉल सेंटर को नौ हजार डालर वापस कर देता था। इस प्रकार अब तक कॉल सेंटर ने करीब 12 हजार अमेरिकी नागरिकों को ठगा है जिससे 9 लाख डॉलर के ट्रांजेक्शन की बैंक स्टेटमेंट से डिटेल मिल चुकी है।
कॉल सेंटर संचालक व उसके साथियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी व आईटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। शातिरों के खाते सीज कराकर रिकवरी कराई जाएगी।

Previous articleमुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को 13 राजकीय कॉलेजो के भवनों के लोकार्पण और शिलान्यास की सौगात दी
Next articleरंगशाला में नाचने वाले युवक को कुछ किन्नरों ने बंधक बनाने के बाद उसका गुप्तांग काट दिया

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here