Home Health Tips भय और रामबाण उपचार, नपुंसकता के कारण

भय और रामबाण उपचार, नपुंसकता के कारण

दोस्तों नपुंसकता आज समाज में एक भय सा बना हुआ है किन्तु नपुंसकता से डरना नहीं चाहिए। कुछ लोग तो पूर्ण रूप से स्वस्थ होते हैं और खुद को इस बीमारी से ग्रस्त मान लेते हैं। आइये जानते हैं नपुंसकता के मुख्य कारण क्या होते हैं।
नपुंसकता के कारण
नपुंसकता के मुख्य कारण अधिक नशे का सेवन जैसे धूम्रपान ,शराब का सेवन इत्यादि हो सकते हैं। नपुंसकता हमारे शरीर में हारमोंस की गड़बड़ी के कारण भी हो सकती है। नपुंसकता नर्वस सिस्टम में कमी के कारण भी हो सकती है। इसके अलाबा खून में कोई परेशानी यानी खून का अच्छी तरह से शरीर में न दौड़ना भी नपुंसकता का कारण बन सकता है। मानसिक रूप से परेशानी भी इसका मुख्य कारण होती है।
नपुंसकता का भय
व्यक्ति कभी -कभी दिमाग में ऐसी समस्याओं को को सोंचता रहता है और यही समस्या उस व्यक्ति के दिमाग में घर कर लेतीं हैं। जिसके कारण यह समस्या न होते हुए भी व्यक्ति स्वयं बना लेता है। इस लिए इसके बारे में ज्यादा न सोंचे और स्वस्थ रहे।
नपुंसकता का उपचार
नपुंसकता का के उपचार से पहले अपने खान पान में उन चीजों को शामिल करें जो स्वस्थ्यवर्धक हो,नियमित व्यायाम करें और इसके बारे में कभी गंभीरता से न सोंचे। अंकुरित अनाजों का सेवन करें जैसे अंकुरित काले चने, मूंग ,सोयाबीन इत्यादि। अगर यही सब नियमित रूप से करते हैं तो आपकी समस्या समाप्त हो जायेगी और अगर इसके बाद भी लाभ नहीं मिलता तो नीचे दी गई औषधि का सेवन करें।
कौंच के बीज के चूर्ण में तालमखाना और मिश्री का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर 3-3 ग्राम की मात्रा में खाने और दूध के साथ पीने से नपुंसकता खत्म होती है। कौंच के बीजों की गिरी तथा राल ताल मखाने के बीज। दोनों को 25-25 ग्राम की मात्रा में लेकर पीसकर छान लें, फिर इसमें 50 ग्राम मिश्री मिला लें। इसमें 2 चम्मच चूर्ण रोज दूध के साथ खाने से लाभ होता है।

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