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क्या आप लोग जानते हैं गर्भावस्था के दौरान अलसी के लाभ, नहीं जानते तो तुरंत जान ले

प्रजनन सम्बन्धी अवस्था, एक मादा के गर्भाशय में भ्रूण के होने को गर्भावस्था (गर्भ + अवस्था) कहते हैं, तदुपरांत महिला शिशु को जन्म देती है। आमतौर पर यह अवस्था मां बनने वाली महिलाओं में 9 माह तक रहती है , जिसे गर्भवती महिला कहते हैं। “Pregnancy Symptoms”. कभी कभी संयोग से एकाधिक गर्भावस्था भी अस्तित्व में आ जाती है जिससे जुडवाँ एक से अधिक सन्तान की उपस्थिति होती है।
गर्भावस्था के दौरान क्या हैं अलसी के लाभ
> गर्भावस्था के दौरान अलसी के लाभ
गर्भावस्था में अलसी खाने से आपको इस दौरान होने वाली कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है| साथ ही यह प्रेगनेंसी के लिए जरूरी पोषक तत्व प्रदान करने में भी मदद करता है। चलिए, विस्तार से जानते हैं गर्भावस्था में अलसी सेवन के लाभ के बारे में|
> कब्ज से राहत – फ्लैक्ससीड्स फाइबर का एक अच्छा स्रोत है| इसलिए, यह प्रेगनेंसी में आपको कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकता है| सीमित मात्रा में अलसी के नियमित सेवन से मल त्याग में आसानी होती है और आपको बवासीर से भी राहत मिल सकती है| ध्यान रहे कि इसकी अधिक मात्रा कब्ज का कारण भी बन सकती है |
> भ्रूण के लिए – अलसी में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है| यह पोषक तत्व आपके भ्रूण के विकास में मदद करता है और आपके पोषण में मदद करता है |
भ्रूण के मस्तिष्क का विकास – अलसी में मौजूद ओमेगा -3 फैटी एसिड का सेवन भ्रूण के मस्तिष्क के विकास और संपूर्ण न्यूरोडेवलपमेंट के लिए महत्वपूर्ण है| गर्भावस्था के दौरान ओमेगा -3 फैटी एसिड का अभाव बच्चे के पैदा होने के बाद उसके कम विकास और अलग तरह के व्यवहार के साथ जुड़ा हुआ है|
> प्रसवपूर्व अवसाद – अक्सर महिलाओं को प्रसव से पहले अवसाद यानी डिप्रेशन हो जाता है| इस समस्या को दूर करने के लिए भी आप अलसी का सेवन कर सकती हैं|
> हाइपरग्लाइकेमिया (हाई ब्लड शूगर लेवल) से बचाए – अलसी गर्भावस्था के दौरान होने वाली हाइपरग्लाइकेमिया स्थिति से बचाने में भी मदद करती है| अगर आपके ब्लड शुगर का लेवल बढ़ गया है या अक्सर बढ़ जाता है, तो आपके लिए अलसी का तेल फायदेमंद साबित हो सकता है |
> हृदय रोगों का खतरा कम करे – फ्लैक्ससीड्स में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड पाया जाता है, जो हानिकारक कोलेस्ट्रोल के स्तर (एलडीएल) को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रोल के स्तर (एचडीएल) को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही अलसी रक्त को पतला करने वाले गुणों से भरपूर होती है, जो धमनियों में जमाव के खतरे को कम करती है। ऐसे में कहा जा सकता है कि अलसी हृदय संबंधी परेशानियों से आपको बचाने में मदद करती है |
> कैंसर – अलसी का उपयोग गर्भावस्था के दौरान कैंसर के जोखिम को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है| इसमें मौजूद लिग्नांस में एंटी कैंसर प्रभाव पाया जाता है, जो कैंसर से लड़ने में मदद करता है| इस प्रकार अलसी स्तन और ओवेरियन कैंसर के जोखिम को भी कम कर सकती है |
> गर्भावस्था में अलसी के फायदे के बाद हम आपको बताएंगे अलसी के दुष्प्रभाव के बारे में|
> गर्भावस्था के दौरान अलसी के दुष्प्रभाव-
अलसी के सेवन के फायदे के साथ ही कई नुकसान भी हैं| इसलिए, पूरे लेख में हम आपको अलसी का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दे रहे हैं| नीचे हम अलसी का ज्यादा सेवन करने से होने वाले नुकसान के बारे में बता रहे हैं|
> जी-मिचलाना, दस्त और गैस
एलर्जिक प्रतिक्रिया जैसे – होठों में सूजन, छाती में जकड़न या सांस लेने में तकलीफ|
रक्तचाप में वृद्धि|
शरीर में ट्यूमर का बनना|
> अलसी का करने सेवन से नवजात के वजन में भी कमी आ सकती है|
अब हम आपको बता रहे हैं कि गर्भावस्था में अलसी को आहार में किन-किन तरीकों से शामिल किया जा सकता है|
> गर्भावस्था आहार में अलसी को शामिल करने के तरीके
अलसी का सेवन आप गर्भावस्था में किस तरह से कर सकती हैं, यह हम आपको नीचे क्रमवार तरीके से बताएंगे। इसके सेवन से पहले यह जरूर ख्याल रखें कि इसे कच्चा अपने आहार में शामिल न करें| इसे भूनकर ही इस्तेमाल में लाएं| आहार में भुने हुए अलसी पाउडर व तेल को शामिल करने के तरीके कुछ इस प्रकार हैं |
स्मूदी या दही में मिलाकर खाएं
रोटी, चपाती या परांठे बनाते वक्त इसे गेहूं के आटे में मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं|
सलाद पर ऊपर से छिड़कर|
दलिया या किसी अन्य अनाज में मिलाकर|
डोसा, इडली, ब्रेड और मफिन के बैटर में मिलाकर|

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