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उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों को लेकर योगी सरकार का सख्त आदेश, आइए जाने

यूपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए अब नया स्वदेशी मैसेजिंग प्लेटफार्म आ गया है। राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों व अधिकारियों से कहा है कि वह अपने संदेशों को भेजने के लिए स्वदेशी ‘संदेश’ का उपयोग करें।
इस सोशल मैसेजिंग प्लेटफार्म संदेश को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने विकसित किया है। शासन ने अपने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों से कहा है कि संदेश एक ओपन सोर्स आधारित सुरक्षित ऐप है। इसका विकास शासन में तेजी से संवाद की सुविधा के लिए किया गया है। यह एनड्रायड व आईओएस संस्करण के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। राज्य के अधिकारी व कर्मचारी विभागीय मैसेजिंग संवाद के लिए ‘संदेश’ का उपयोग करने पर विचार करें।
कई खूबियां से लैस है यह ‘संदेश’
‘संदेश’ ऐप एंड टू एंड एनक्रिप्टेड बैकअप, तथा एनक्रिप्टेड वन टाइम पासवर्ड से समर्थित है तथा संदेशों के लिए अति सुरक्षित ऐप है। इसमें दूसरे मैसेजिंग प्लेटफार्म की तरह सारी खूबियां हैं। एनक्रिप्टेड संदेश भेजने के लिए इस ऐप को बिना किसी लागत के दूसरी सरकारी एप्लीकेशन्स के साथ जोड़ा जा सकता है। वर्तमान में यह एनआईसी ईमेल, डिजि-लाकर, स्पैरो, ई आफिस से एकीकृत है। किसी संगठन द्वारा इस ऐप का उपयोग करने के लिए ऐप पर संगठन व उसका नोडल अधिकारी सृजित करना होगा। केंद्र सरकार के गृह, विदेश, आईटी मंत्रालय व नीति आयोग समेत 160 से अधिक संगठनों ने इसे अपनाया है। इस साल अप्रैल तक देश भर में 4 लाख सरकारी अधिकारी व कर्मचारी व आम लोग इसे अपना चुके हैं। इसके जरिए 2 करोड़ मैसेज भेजे जा चुके हैं। हाल में केंद्र सरकार के इलेक्ट्रानिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि राज्य सरकार अपने कार्यालयों में संदेश के आदान प्रदान के लिए इस ऐप का उपयोग कर सकती हैं।

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