Home Latest News कोरोना महामारी काल में मृतक शिक्षकों को अन्य शिक्षकों ने दी श्रद्धांजलि...

कोरोना महामारी काल में मृतक शिक्षकों को अन्य शिक्षकों ने दी श्रद्धांजलि और रखा सामूहिक उपवास

हरदोई : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ द्वारा उत्तर प्रदेश शासन एवं राज्य निर्वाचन आयोग को कोरोना महामारी के चरम सीमा पर पहुचाने के कारण उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हेतु मतदान एवं मतगणना को स्थगित करने हेतु बार-बार अनुरोध किया गया था। परन्तु संगठन के पत्र का कोई संज्ञान न लेकर निर्वाचन को जारी रखा गया। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान शिक्षक एवं कर्मचारियो कई बार भारी भीड़ जमा हुई थी, जिसमें हजारो शिक्षक कोरोना संक्रमण का शिकार हो गए एवं सैकड़ों शिक्षक मृत्यु काल ग्रास में समा गये। अनेक ऐसे शिक्षक जो हृदय रोगी थे इस महामारी एवं निर्वाचन के तनाव के कारण हृदयाघात के शिकार होकर मृत्यु को प्राप्त हो गए।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि माध्यमिक शिक्षा के इतनी बड़ी संख्या में मृत्यु को प्राप्त होने वाले शिक्षको के प्रति मा.शिक्षा विभाग/उ.प्र.शासन/उ.प्र.सरकार के किसी भी प्रतिनिधि द्वारा आज तक शोक संवेदना के दो शब्द भी व्यक्त नही किये गये है। शिक्षकों की इतनी बड़ी संख्या में मौतों एवं उत्पीड़न के कारण आज 30 मई रविवार को सामूहिक उपवास रखते हुए शिक्षकों ने वर्चुअल बैठक का आयोजन कर अपने मृत शिक्षक साथियों के प्रति शोक संवेदनायें व श्रद्धांजलि देते हुए एवं राज्य सरकार के प्रति रोष प्रकट किया। उसके पश्चात कोरोना महामारी में असमय मृत्यु को प्राप्त शिक्षकों को सामूहिक श्रद्धान्जलि देते हुए वर्चुअल बैठक में निम्नलिखित मांग का ज्ञापन मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को ई-मेल के माध्यम से प्रेषित किया गया।
कोरोना महामारी के दौरान मृत्यु काल का ग्रास बने सभी शिक्षकांे एवं कर्मचारियों के परिवारों को एक करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता दिए जाने को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उचित माना गया है। अतः इस महमारी के दौरान मृतक सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के परिवारों को एक करोड रुपए की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाये।
सभी मृत शिक्षकों के आश्रितों को उनकी योग्यता अनुसार अतिशीघ्र नियुक्तियां दी जाए।
सभी मृत शिक्षकों के परिवार को 1 अप्रैल 2005 से पूर्व लागू पुरानी पेंशन व्यावस्थानुसार पारिवारिक पेंशन दी जाये, तथा मृत शिक्षक के एन.पी.एस. खातों में जमा संपूर्ण धनराशि मृतक के आश्रित को दी जाए।
ऐसे सभी मृत शिक्षक जो 60 वर्ष या उससे कम आयु के थेे उनके परिवार को शासनसदेश के अनुसार ग्रेजुएटी की धनराशि प्रदान की जाए।
सभी मृतक एवं कार्यरत शिक्षकों को कोरोना योद्धा घोषित किया जाए ।
कोरोना सक्रमण के कारण इलाज कराकर स्वस्थ हो चुके शिक्षकों के इलाज पर व्यय हुई धनराशि प्रदान किया जाए तथा वर्तमान में जिनका इलाज सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है उनके इलाज का खर्च सरकार का द्वारा वहन किया जाए।
पंचायत चुनाव में मतदान/मतगणना से अनुपस्थित सभी बीमार शिक्षक/कर्मचारियों के विरुद्व प्रशासनिक कार्यवाही निरस्त की जाए।
माध्यमिक शिक्षकों से शिक्षा के अधिकार अधिनियम के वितरीत गैर शैक्षणिक कार्य न कराए जाए।
गंभीर्र आिर्थक संकट से गुजर रहे वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को आर्थिक पैकेज दिया जाय।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा लगातार तीसरी बार एस्मा लगाकर शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के लोकतांत्रिक अधिकारो का हनन किया जा रहा है जोकि स्वीकार करने योग्य नही है।
वर्चुअल बैठक में संगठन के अध्यक्ष राजीव कुमार मिश्र की अध्यक्षता में सभी पदाधिकारी व शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here