Home Uttar Pradesh यूपी में फिर बढ़ लॉकडाउन अब इन लोगों को मिलेंगे हजार रुपए...

यूपी में फिर बढ़ लॉकडाउन अब इन लोगों को मिलेंगे हजार रुपए महीने, आइए जाने

कोरोनावायरस (Coronavirus) कई प्रकार के विषाणुओं (वायरस) का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग उत्पन्न करता है। यह आरएनए वायरस होते हैं। इनके कारण मानवों में श्वास तंत्र संक्रमण पैदा हो सकता है जिसकी गहनता हल्की (जैसे सर्दी-जुकाम) से लेकर अति गम्भीर (जैसे, मृत्यु) तक हो सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को हुई वर्चुअल कैबिनेट बैठक में प्रदेश में लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को सोमवार 24 मई की सुबह 7 बजे तक बढ़ा दिया गया है। साथ ही कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमन्दों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को तीन माह के लिए प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों को एक माह के लिए 1000 रुपये भरण पोषण भत्ता दिया जाएगा। इसी के साथ प्रदेश में कक्षा 9 से 12 वीं और विश्वविद्यालयों में आनलाइन कक्षाएं 20 मई से शुरू की जाएंगी। उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा है कि सरकार ने 20 मई से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया है। यूपी बोर्ड की हाई स्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं पर निर्णय 20 मई के बाद लिया जाएगा।
ठेला, खोमचा, रेहड़ी वालों को एक हजार रुपये
गरीबों को अनाज देने में प्रति यूनिट 5 किलो निःशुल्क खाद्यान्न दिया जाएगा। इससे प्रदेश की लगभग 15 करोड़ जनसंख्या लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को हरसम्भव राहत और मदद उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों को एक माह के लिए 1,000 रुपये का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किए जाने के निर्देश दिए। इससे लगभग एक करोड़ गरीबों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के दौरान जरूरतमन्दों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था जारी रखी जाए। आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को यथावत संचालित किया जाए।
कोरोना मरीजों का कर रहे हैं नि:शुल्क उपचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के माध्यम से प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिल रही है। इसीलिए इसकी अवधि को बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व से ही कोविड-19 की निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा निःशुल्क कोरोना वैक्सीनेशन कार्य भी प्रदेश में संचालित किया जा रहा है। इसके तहत भारत सरकार द्वारा 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और राज्य सरकार द्वारा 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का निःशुल्क टीकाकरण कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए दो योजनाएं संचालित की जा रही हैं। दुर्घटना में किसी श्रमिक की मृत्यु अथवा दिव्यांगता हो जाने पर दो लाख रुपये के सुरक्षा बीमा कवर तथा 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा कवर की व्यवस्था इन योजनाओं के माध्यम से की गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here