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यूपी में कोरोना के मामले बढ़ते हुए कोरोना वैक्सीन को लेकर यूपी सरकार ने क्या की है प्लानिंग, आइए जाने

कोरोनावायरस (Coronavirus) कई प्रकार के विषाणुओं (वायरस) का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग उत्पन्न करता है। यह आरएनए वायरस होते हैं। इनके कारण मानवों में श्वास तंत्र संक्रमण पैदा हो सकता है जिसकी गहनता हल्की (जैसे सर्दी-जुकाम) से लेकर अति गम्भीर (जैसे, मृत्यु) तक हो सकती है।
प्रदेश में कोरोना वैक्सीन की कहीं कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार के स्टॉक में अभी भी कम से कम अगले एक सप्ताह तक के लिए पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध है। साथ ही पाइप लाइन में मसलन उत्पादक कम्पनी के स्टोर से लेकर राज्य सरकार के बफर गोदामों के बीच 8 से 10 लाख वैक्सीन हैं जो अगले दो से तीन दिनों के भीतर प्रदेश के स्टॉक में आ जाएंगे। टीका उत्सव के मद्देनजर प्रदेश को अगले सप्ताह के लिए टीके की एक और बड़ी खेप अलग से मिलने वाली है।
सरकारी आंकड़े के अनुसार देश भर में 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण अभियान के तहत प्रदेश को शुरुआती दौर में ही लगातार वैक्सीन की आपूर्ति हुई, जिससे पर्याप्त संख्या में टीके उपलब्ध हो गए। 2 अप्रैल तक प्रदेश को कोविडशील्ड एवं कोवैक्सीन के कुल 1.25 करोड़ टीके मिल चुके थे। जिसमें से करीब 90 लाख टीके अब तक हेल्थ वर्कर्स व फ्रंट लाइन वर्कर्स से लेकर 60 साल से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्ग एवं 49 वर्ष से ऊपर के आयु वर्ग के बीमार व्यक्तियों के अलावा बड़ी संख्या में 45 से अधिक उम्र के सामान्य लोगों को लग चुके हैं। इस प्रकार से एक दिन पूर्व तक प्रदेश के स्टॉक में करीब 35 लाख टीके उपलब्ध हैं।
सरकार के उच्चाधिकारियों का कहना है कि कल से परसों तक प्रदेश में करीब 8 लाख वैक्सीन और पहुंच जाएंगी। टीका उत्सव के मद्देनजर अलग से भेजी गई मांग के अनुसार अगले सप्ताह फिर से एक नई स्टॉक आने वाली हैं। ऐसे में यूपी में इस समय पर्याप्त संख्या में वैक्सीन उपलब्ध है और आगे भी यह उपलब्धता बनी रहे इसके लिए एक़ के बाद एक कई कन्साइन्मेंट प्रदेश में पहुंचने वाली है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार-
टीके की खपत होगी तभी तो उसे मंगाया जाएगा। टीकाकरण अभियान जबसे शुरू हुआ है तब से प्रदेश के किसी भी जिले में कभी भी कोरोना टीके की कोई कमी नही हुई। एक दो केन्द्रों पर भीड़ के अधिक आ जाने के कारण उन केन्द्रों पर टीके जरूर खत्म हो गए थे जहां बाद में तत्काल टीके पहुंचवा दिए गए। ताकि कार्यक्रम अनवरत चलता रहे। डा. अजय घई, निदेशक, उत्तर प्रदेश कोरोना टीकाकरण अभियान

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