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बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए खुशखबरी जल्द मिलेगी मनचाही पोस्टिंग, आइए जाने

शिक्षक के द्वारा व्यक्ति के भविष्य को बनाया जाता है एवं शिक्षक ही वह सुधार लाने वाला व्यक्ति होता है। प्राचीन भारतीय मान्यताओं के अनुसार शिक्षक का स्थान भगवान से भी ऊँचा माना जाता है क्योंकि शिक्षक ही हमें सही या गलत के मार्ग का चयन करना सिखाता है।
शिष्य के मन में सीखने की इच्छा को जो जागृत कर पाते हैं वे ही शिक्षक कहलाते हैं।
बिहार के नियोजित शिक्षकों के लिए खुशखबरी!, उनके ऐच्छिक तबादले का फॉर्मूला तैयार हो गया है। इसके साथ ही वर्ष 2006 से ही मनचाही जगह पर पदस्थापित होने की उनकी साध अगले कुछ महीनों में पूरी होने की उम्मीद बढ़ गयी है। इनके तबादले को लेकर गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में गठित अंतर्विभागीय कमेटी और इसके सहयोग के लिए गठित उप कमेटी की एक्सरसाइज पूरी हो चुकी है। कमेटी ने अपनी अनुशंसाएं शिक्षा विभाग को सौंप दी है। पंचायती राज और नगर विकास विभागों से इस पर स्वीकृति लेने की प्रक्रिया भी आरंभ हो गयी है। सबकुछ ठीक रहा तो अगले दो हफ्ते में नियोजित शिक्षकों के ऐच्छिक और संवर्गीय तबादले व पदस्थापन को लेकर गाइडलाइन जारी हो जाएगी।
तबादले के फॉर्मूले के मुताबिक, पूरी ट्रांसफर-पोस्टिंग की यह प्रक्रिया एनआईसी पटना द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर के माध्यम से होगी। इस ऑनलाइन प्रक्रिया में आवेदन जमा करने से लेकर पदस्थापन तक की पूरी कवायद ऑनलाइन होगी। आवेदन मांगने के पहले जिलों से रिक्तियां भी मांगी जाएंगी। तबादले में महिला व दिव्यांग शिक्षकों को प्राथमिकता मिलेगी। पुरुष शिक्षकों को पारस्परिक (म्युचुअल) तबादले का मौका मिलेगा। कुल मिलाकर साढ़े तीन लाख नियोजित शिक्षकों में से डेढ़ से पौने दो लाख शिक्षकों को मनचाही पोस्टिंग का अवसर मिलने की उम्मीद है। महिला व दिव्यांग शिक्षकों से दो-तीन जगह का विकल्प मांगा जाएगा।
पिछले 18 अगस्त को सरकार ने दी थी मंजूरी
गौरतलब है कि नियोजित शिक्षकों को अंतर्जिला व दूसरे नियोजन इकाई में सेवाकाल में एक बार तबादले का मौका देने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। 18 अगस्त 2020 को मंत्रिमंडल ने शिक्षकों की इस मांग के साथ ही 1 अप्रैल 2021 के प्रभाव से 15 फीसदी वेतनवृद्धि पर मुहर लगायी थी। अगले दो-तीन दिनों में शिक्षा विभाग ने नियोजित शिक्षकों की नयी सेवाशर्त घोषित की और उसमें इसे शामिल किया। गत वर्ष 22 सितम्बर को श्री सिंह की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय कमेटी बनी। कमेटी में एनआईसी पटना, पंचायती राज, नगर विकास आवास विभाग के एक-एक प्रतिनिधि के अलावा माध्यमिक उप निदेशक अमित कुमार और प्राथमिक उपनिदेशक प्रभात पंकज सदस्य बनाए गए। कमेटी को चार हफ्ते में रिपोर्ट देनी थी। पर विधानसभा चुनाव आदि के कारण तबादले का फॉर्मूला आगे नहीं बढ़ पाया था।
पंचायत चुनाव के कारण और देर संभव
शिक्षा विभाग की अबतक की तैयारी के मुताबिक गाइडलाइन जारी होने के बाद मई में नियोजित शिक्षकों से तबादले को लेकर आवेदन मांगे जायेंगे। जून में सॉफ्टवेयर की मदद से तबादला व पदस्थापन की तैयारी है। हालांकि इस बीच यदि पंचायत चुनाव की तिथि घोषित हो गयी तो आदर्श आचार संहिता को लेकर तबादले में और देर होना संभव है। ऐसी स्थिति में आवेदन लेना तो मुमकिन है लेकिन तबादला व पदस्थापन के लिए पंचायत चुनाव के समाप्त होने तक शिक्षकों को इंतजार करना पड़ सकता है।
बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि शिक्षकों के स्थानांतरण व पदस्थापन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। पारदर्शिता के लिए एनआईसी के सहयोग से सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। तबादले में महिला व दिव्यांग शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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