Home Ajab Gajab जानिए इस किले की कहानी, आखिर कब और कैसे इस किले पर...

जानिए इस किले की कहानी, आखिर कब और कैसे इस किले पर दागे गए थे चांदी के गोले

राजस्थान से हमे विशेष लगाव है, आखिर हम जो ठहरे राजस्थान के निवासी। इसका जबाब देने से पहले दो लाइन -भारत मेरा महान, राजस्थान मेरी शान।

गढ़ चित्तौड़ आन, पुराना गढ़ हनुमान।।

छोड़ महल जंगल से लड़े प्रताप महान।

चांदी के गोले दाग चूरू का स्वाभिमान।।

यह हुआ ना एक एक अद्भुत शौर्य और पराक्रम का प्रश्न। यह भारतीय इतिहास में स्वाभिमान का एक अद्भुत वाक़या है, जब स्वाभिमान के लिये अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया लेकिन दुश्मन के सामने घुटने नहीं टेके। ऐसे पराक्रम और शौर्य के जिवंत उदाहरण तब ही देखने को मिलते हैं जब शासक के साथ प्रजा भी अपना सब कुछ बलिदान करने के लिए तत्पर हो। इसी घटना में शासक और प्रजा सब स्वाभिमान के लिये ऐसे तत्परता से पेश आए की दुश्मन हौसला हार भागने को मजबूर हो गया। पूरी घटना चूरू किले से बरसे चांदी के गोले – राजस्थान के जर्रे जर्रे में पराक्रम और शौर्य की गाथायें रची बसी है। ऐसी ही एक पराक्रम की कहानी राजस्थान के चूरू किले की। चूरू का यह किला, जो राजस्थान के चूरू जिला मुख्यालय पर स्थित है। इस किले का निर्माण ठाकुर कुशल सिंह ने 1694 ईस्वी में करवाया था। उनका इस किले के निर्माण का उद्देश्य आत्म- रक्षा के साथ नागरिकों की सुरक्षा प्रदान करना था। चांदी के गोले बरसाने का वाक़या हुआ अगस्त 1814 ईस्वी का जब अंग्रेजो ने इसे अपने साथ मिलाने के लिये बीकानेर की सेना भेजी। चूरू के नजदीक बीकानेर के शासक सूरत सिंह ने (अंग्रेजों के इशारे पर) चूरू पर चढ़ाई कर दी। चूरू के ठाकुर शिवजी सिंह ने दुश्मन से जमकर लोहा लिया लेकिन बीकानेर की सेना से लड़ते हुए उनका गोला बारूद समाप्त हो गया। ठाकुर गोला बारूद खत्म होने से निराश हो गए। तब चूरू की जनता और व्यापारियों ने इन्हे आर्थिक मदद देते हुए अपने राज्य की रक्षा के लिए अपना सोना और चांदी न्यौछावर कर दिया। जिससे उन्होंने चांदी के गोले बनाकर दागे। चांदी के गोलों की बरसात देखकर दुश्मन भाग खड़ा हुआ। चांदी के गोले दाग कर चूरू ने अपना नाम विश्व इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिख दिया जिसके कारण इसके बारे में कहा जाता है –

धोर ऊपर नींमड़ी धोरे ऊपर तोप।

चांदी गोला चालतां, गोरां नाख्या टोप।।

वीको-फीको पड़त्र गयो, बण गोरां हमगीर।

चांदी गोला चालिया, चूरू री तासीर।।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here