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चाणक्य के अनुसार जब कोई महामारी का संक्रमण किसी देश को करने लगे तबाह तो तुरंत अपनाएं ये 5 उपाय

चीन के वूहान शहर से उत्पन्न होने वाला 2019 नोवेल कोरोनावायरस इसी समूह के वायरसों का एक उदहारण है, जिसका संक्रमण सन् 2019-20 काल में तेज़ी से उभरकर 2019–20 वुहान कोरोना वायरस प्रकोप के रूप में फैलता जा रहा है। हाल ही में WHO ने इसका नाम COVID-19 रखा।
हमारे पड़ोसी देश से फैले एक जानलेवा वैश्विक बीमारी ने आज भारत समेत पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। किसी भी जानलेवा वैश्विक बीमारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सबसे हमें पहले उसके लक्षणों को पहचानना और समझना बेहद जरूरी है। इसके लक्षणों को पहचानकर ही सुरक्षा को लेकर किए गए उपायों से ही इस वैश्विक बीमारी को काबू में किया जा सकता है।
अब सवाल यह उठता है कि महामारी का रूप ले चुके किसी भी वैश्विक बीमारी से निजात कैसे पाई जाए। ऐसे में आचार्य चाणक्य ने व्यक्ति को वैश्विक बीमारी या महामारी से सफलतापूर्वक निपटने के लिए कुछ आसान उपाय सुझाए हैं जो आज हम इस आर्टिकल में आपको यहाँ बतायेगे । आइए जानते हैं आखिर क्या हैं आचार्य चाणक्य के बताये वो उपाय जो किसी भी महामारी से लड़ने के लिए कारगर और उपयोगी हैं । किसी भी महामारी को हराने और फैलने से रोकने के लिए हमेशा अपनाएं ये नीचे बताये गए अचूक उपाय।
पहला उपाय: सुरक्षा के उपाय अपनाये 
आचार्य चाणक्य के अनुसार महामारी के दौरान विशेषज्ञों द्वारा जो भी सुरक्षा के उपाय लोगों को बताए जाते हैं उन्हें उन सबका पालन अच्छे से करना चाहिए। इतना ही नहीं लोगों को उन सभी उपायों के बारे में दूसरे व्यक्तिओं को भी जागरुक करना चाहिए। कोई भी देश अपने देशवासियों के सहयोग से ही किसी वैश्विक बीमारी या महामारी जैसी स्थिति से आसानी से निपट सकता है।
दूसरा उपाय: स्वच्छता का हमेशा रखें ध्यान
आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी वैश्विक महामारी के दौरान स्वच्छता का महत्व काफी बढ़ जाता है। आचार्य चाणक्य का मानना था कि स्वच्छता और सफाई एक ऐसा हथियार है जिससे इंसान किसी भी महामारी को दूर भगा सकता है और उसे फ़ैलने से रोक सकता हैं ।
तीसरा उपाय: हमेशा पौष्टिक आहार ही खाएं और जमकर खाएं 
आचार्य चाणक्य का मानना था कि कोई भी वैश्विक बीमारी या महामारी व्यक्ति को तभी अपना शिकार बना सकती है जब उससे लड़ने के लिए आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित पौष्टिक आहार और मौसमी फल खाना बेहद जरूरी है।
चौथा उपाय: हमेशा अनुशासित जीवन शैली रखें 
आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी महामारी के दौरान व्यक्ति को अपना आलस छोड़ अनुशासित जीवन शैली को चुनना चाहिए। इसके लिए उसे समय पर खाना, पीना और सोना चाहिए। संकट की स्थिति में कठोर जीवन शैली ही किसी भी व्यक्ति को महामारी के प्रभाव से बचाने में मदद करती है।
अंतिम उपाय: घर से बाहर बिना जरुरी काम के कभी भी ना निकलें
आचार्य चाणक्य के अनुसार यदि किसी देश में महामारी का खतरा जब बढ़ जाता है तो वहां के लोगों को अपने घरों से बाहर कम या नहीं ही निकलना चाहिए। महामारी के दौरान घर पर ही रहना सबसे अच्छा माना गया है। जो लोग घरों से बाहर तफ़री करने और फालतू के कामों के लिए निकलते हैं उन्हें संक्रमित होने या फिर दूसरे लोगों को संक्रमित करने का खतरा बढ़ जाता है।

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