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इस राज्य के सभी अस्पतालों में बेड हुए फुल कोरोना के चलते 24 घंटे में 8 की मौत, आइए जाने

कोरोनावायरस (Coronavirus) कई प्रकार के विषाणुओं (वायरस) का एक समूह है जो स्तनधारियों और पक्षियों में रोग उत्पन्न करता है। यह आरएनए वायरस होते हैं। इनके कारण मानवों में श्वास तंत्र संक्रमण पैदा हो सकता है जिसकी गहनता हल्की (जैसे सर्दी-जुकाम) से लेकर अति गम्भीर (जैसे, मृत्यु) तक हो सकती है।
बिहार में कोरोना से हालात भयावह होते जा रहे हैं. इसके साथ ही सरकार की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं. आलम यह है कि 24 घंटे में राज्य में फिर से 2999 नए लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है. इस अवधि में कोरोना से 8 लोगों की मौत भी हो गई. सबसे बुरी हालत पटना की है, जहां सबसे ज्यादा 1197 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.
इसी के साथ अब बिहार में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 17052 पहुंच गई है. बिहार के अन्य जिलों की बात करें तो अररिया में 30, बेगूसराय में 102, भागलपुर में 161, भोजपुर में 61, बक्सर में 58, गया में 184, गोपालगंज में 65, जहानाबाद में 59, मुंगेर में 54, मुजफ्फरपुर में 141, नालंदा में 91, पूर्णिया में 63, सहरसा में 75, समस्तीपुर में 116, सारण में 67 और सिवान में भी 87 नए मामले सामने आए हैं.
जैसे-जैसे संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, वैसे ही राज्य में रिकवरी रेट में भी गिरावट हो रही है. बिहार का रिकवरी रेट घटकर 93.48 पर पहुंच गया है. स्वास्थ्य विभाग ने सैम्पल जांच में भी काफी तेजी कर दी है और 24 घंटे अब तक का सर्वाधिक 80 हजार 18 सैम्पल की जांच की गई. इधर, संक्रमित मरीजों में तेजी से इजाफा होने के बाद अब जहां पारस, रुबन, उदयन समेत सभी निजी अस्पतालों के बेड फुल हो गए हैं, वहीं पटना एम्स में एक भी बेड खाली नहीं है. यहां नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है.
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत लगातार खुद मोर्चा संभाले हुए हैं और रोज अस्पतालों का निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं. प्रत्यय अमृत पीएमसीएच और एनएमसीएच जाकर जहां कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों का हालचाल लिया. वहीं, अधीक्षक और प्राचार्य को हालात देखते हुए बेड की क्षमता बढ़ाने का भी निर्देश दिया. अब पीएमसीएच में 150 बेड का कोविड वार्ड होगा, वहीं एनएमसीएच में भी 45 बेड बढ़ाने के बाद 145 बेड का कोविड वार्ड होगा.
चर्चा यह भी है कि एम्स को पूरी तरह से कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाने की तैयारी में स्वास्थ्य विभाग जुट गया है. प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि जल्द ही एम्स को कोविड डेडिकेटेड अस्पताल बनाने पर फैसला लिया जाएगा. हैरानी की बात तो यह है कि इतने के बाद भी लोग लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं और बाजार में बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को मजाक बनाते नजर आ रहे हैं जिससे की स्थिति और खतरनाक हो सकती है.

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