Home Ajab Gajab अधिकतर लोग नहीं जानते भगवान श्री कृष्ण जी को इन कारणों की...

अधिकतर लोग नहीं जानते भगवान श्री कृष्ण जी को इन कारणों की वजह से छोड़ना पड़ा था इंसानी शरीर, तुरंत जान ले

श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के 8वें अवतार और हिन्दू धर्म के ईश्वर माने जाते हैं। कन्हैया, श्याम, गोपाल, केशव, द्वारकेश या द्वारकाधीश, वासुदेव आदि नामों से भी उनको जाना जाता हैं। कृष्ण निष्काम कर्मयोगी, एक आदर्श दार्शनिक, स्थितप्रज्ञ एवं दैवी संपदाओं से सुसज्ज महान पुरुष थे।  भगवान श्री कृष्ण को किन कारणों की वजह से अपना शरीर त्यागना पड़ा था। दोस्तों कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण को भी यह शरीर छोड़ना ही था। और वेद ,पुराणों में श्री कृष्ण के इंसानी शरीर छोड़ने के कई कारण बताए गए हैं। तो आइए जानते हैं इनके बारे में।
श्रीकृष्ण के इंसानी शरीर छोड़ने के कारण
1 – पहल कारण
जब महाभारत का युद्ध खत्म हुआ तब युधिष्ठिर का राजतिलक हो रहा था। तब कौरवों की माता गांधारी ने कौरवों की मौत और महाभारत युद्ध के लिए श्रीकृष्ण को दोषी ठहराते हुए श्राप दिया। गांधारी ने कहा कि जिस तरह कौरवों के वंश का नाश हुआ है ठीक उसी तरह कृष्ण के वंश यदुवंश का भी नाश होगा और 36 वर्ष बाद कृष्ण को भी देह त्यागनी पड़ेगी। कहा जाता है कि इसी श्राप के चलते श्रीकृष्ण द्वारिका छोड़कर और यदुवंशियों को साथ लेकर प्रभास क्षेत्र में आ गये।
2 – दूसरा कारण
जब कई वर्ष बीत गए तब एक बार श्रीकृष्ण के पुत्र सांब को शरारत सूझी।सांब कुछ यदुवंशियों के साथ ऋषि दुर्वासा, वशिष्ठ और नारद के पास गर्भवती स्त्री का रूप बनाकर पहुंचा। सांब ने कहा कि वो गर्भवती है और उसे उसके बच्चे का लिंग जानना है। ऋषि इस शरारत से क्रोधित हो गए और उन्होंने श्राप दिया कि उसके गर्भ से एक मूसल का जन्म होगा जिससे पूरे यदुवंश का विनाश हो जायेगा। ऋषियों के इस श्राप से यदुवंशी घबरा गए और वे उग्रसेन के पास गए, उग्रसेन ने श्राप को विफल करने के लिए मूसल का चूरा करवाकर समुद्र में फिंकवा दिया। उस चूरे का एक टुकड़ा मछली निगल गई और बाकि मूसल समुद्र के किनारे घास के रूप में उग आई।कहा जाता है कि श्राप से प्रभावित होकर यदुवंशी आपस में और नशे में एक-दूसरे पर घास से प्रहार करने लगे।घास प्रहार करते समय मूसल का रूप ले लेती इसी कारण सारे यदुवंश का अंत हो गया। कहा जाता है कि मूसल का जो टुकड़ा मछली ने निगल लिया था वो एक बहलिए को मिल गया और उसने उसका तीर बना लिया। एक बार जब श्रीकृष्ण ध्यान में बैठे हुए थे तब वो तीर उनके पंजे पर जा लगा जिसे चमकता हुआ देख बहलिए ने हिरण की आँख समझ लिया था। इस तीर के कारण भगवान श्रीकृष्ण की मृत्यु हो गई। और भगवान श्री कृष्ण अपने धाम वैकुंठ चले गए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here