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शादी के वो 7 वचन जो शादी के समय हर लड़की अपने होने वाले पति से मांगती क्या है वह 7 वचन, आइए जाने

विवाह, जिसे शादी भी कहा जाता है, दो लोगों के बीच एक सामाजिक या धार्मिक मान्यता प्राप्त मिलन है जो उन लोगों के बीच, साथ ही उनके और किसी भी परिणामी जैविक या दत्तक बच्चों तथा समधियों के बीच अधिकारों और दायित्वों को स्थापित करता है। विवाह की परिभाषा न केवल संस्कृतियों और धर्मों के बीच, बल्कि किसी भी संस्कृति और धर्म के इतिहास में भी दुनिया भर में बदलती है।
हमारे देश में विवाह को सिर्फ दो दिलों का ही नही बल्कि दो परिवारों का रिश्ता माना जाता है, जिसमें दो लोग एक साथ मिलकर साथ जीवन जीने वचन लेते हैं, और इन वचनों के साक्षी भगवान बनते हैं, तो चलिए जानते हैं उन सात वचनों को जो कन्या अपने पति से मांगती हैं।
1. पहले वचन में लड़की अपने पति से यह वादा लेती है कि अब मैं तुम्हारे धर्म और कर्म की साथी होंगी, इसलिए आप कोई भी धर्म-कर्म या तीर्थयात्रा का कार्य अकेले नहीं करेंगे।
2. लड़की द्वारा मांगा जाने वाला दूसरा वचन यह होता कि आप जिस प्रकार अपने माता-पिता और संबंधियों का आदर करते हैं उसी प्रकार मेरे माता-पिता का भी सम्मान करे, इससे रिश्तों में आपसी तालमेल बना रहता है।
3. तीसरे वचन में लड़की वचन लेती है कि अब से मैं आपकी जीवनसंगिनी हूं और आप इस साथ को जीवन भर निभाएंगे, युवावस्था, प्रौढ़ावस्था और वृद्घावस्था में भी आप हमेशा मेरा साथ देंगे और मेरी जरुरतों को पूरा करेंगे।
4. ऐसा माना जाता है कि पति जो धन और अन्न कमा कर लाता है उससे परिवार को चलाना पत्नी का काम है, इसलिए चौथे वचन में लड़की वचन लेती है कि आप परिवार की आवश्यता को पूरा करने का वचन दें तो मैं आपकी पत्नी बनना स्वीकार करती हूं।
5. पांचवें वचन में कन्या अपने वर से कहती है कि आप जो भी आर्थिक लेन-देन करते हैं उनमें मेरी सलाह भी लें, इस वचन का महत्व आज के जमाने बहुत ही अधिक है क्योंकि पति के लेने-देने की जानकारी पत्नी को होने पर पारिवारिक कार्यों को चलाने में सहूलियत होती है।
6. छठे वचन में लड़की वचन लेती है कि आप कभी भी लोगों के बीच में मेरी किसी गलती को बताएंगे नहीं, मेरा अपमान नहीं करेंगे, आपको जो भी कहना हो मुझे अकेले में बताएंगे, आप जुआ, शराब जैसी आदतें नहीं रखेंगे।
7. सातवें वचन में लड़की अपने पति से अपने प्रति समर्पण का वादालेती है, इस वचन में कन्या अपने पति से कहती है कि आप पराई स्त्री को बुरी नजर से नही देखेंगे, पराई स्त्री को माता के समान समझेंगे।

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