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पाकिस्तान में स्थित है 4 हिंदू मंदिर जिनके बारे में नहीं जानते होंगे आप, खूबसूरती देखकर दिल खुश हो जाएगा

इस्लामी जम्हूरिया पाकिस्तान इस्लामी गणतंत्र या सिर्फ़ पाकिस्तान भारत के पश्चिम में स्थित एक इस्लामी गणराज्य है। 20 करोड़ की आबादी के साथ ये दुनिया का छठा बड़ी आबादी वाला देश है।
दोस्तों जैसा कि आप सभी लोगों को मालूम है 1947 में भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ था उससे पहले भारत एक बहुत बड़ा देश हुआ करता था जहां पर हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्म को मानने वाले लोग निवास करते थे जिसके कारण भारत में कई बड़े-बड़े मंदिर और मस्जिद बनवाए गए थे वैसे देखा जाए तो भारत में सबसे ज्यादा हिंदू धर्म को मानने वाले लोग निवास करते थे और आज भी निवास करते हैं। लेकिन दोस्तों जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था कुछ हिंदू पाकिस्तान में चले गए थे और पाकिस्तान में कुछ हिंदू मंदिर भी आज मौजूद है इसलिए आज हम आप लोगों को पाकिस्तान में मौजूद पांच बड़े हिंदू मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं।
1. कटास राज मंदिर
दोस्तों पाकिस्तान में इस मंदिर को सबसे बड़ा हिंदू मंदिर के तौर पर जाना जाता है जो भगवान भोलेनाथ को समर्पित है बता दें यह मंदिर लाहौर से लगभग 270 किलोमीटर की दूरी पर चकवाल जिले में मौजूद है इस मंदिर के पास एक सरोवर बना है जिसके बारे में कहा जाता है कि मां पार्वती के विवाह में भगवान भोलेनाथ के आंसू यहां निकले थे और उनके आंसू की दो बूंद धरती पर गिरी और आंसुओं की यही बूंद एक विशाल कुंडा में परिवर्तित हो गया।

2. हिंगलाज माता मंदिर
हिंगलाज माता मंदिर को पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर के तौर पर जाना जाता है बता दे यह मंदिर हिंगलाज देवी को समर्पित है जो देवी की प्रमुख 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है बता दें इस जगह पर माता आदिशक्ति का सिर गिरा था और यह मंदिर बलूचिस्तान के ल्यारी जिला के हिंगोल नदी के किनारे पर मौजूद है।

3. गौरी मंदिर
गौरी मंदिर पाकिस्तान का तीसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है। बता दें यह मंदिर सिंध प्रांत के थारपारकर जिले में स्थित है। बता दे पाकिस्तान की इस जिले में ज्यादातर हिंदू बहुसंख्यक लोग निवास करते हैं जिनमें से ज्यादातर लोग आदिवासी हैं और इन्हें पाकिस्तान में थारी हिंदू के नाम से भी जाना जाता है और यह गौरी मंदिर मुख्य रूप से जैन मंदिर के रूप में विख्यात है, जहां पर अनेक देवी-देवताओं की मूर्तियां रखी हुई है। बता दें इस मंदिर की स्थापत्य शैली राजस्थान और गुजरात की सीमा पर बसे माउंट आबू में स्थिथ मंदिर जैसी है।

4. गोरखनाथ मंदिर
बता दे यह पाकिस्तान का चौथा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है जो प्राचीन मंदिरों में से एक है और यह लगभग 160 साल पुराना मंदिर है यह भारत का बंटवारा हुआ था तब से यह बंद पड़ा था और यहां रोजाना पूजा-पाठ भी बंद कर दिया गया था लेकिन पेशावर के हाई कोर्ट के आदेश के बाद इसे नवंबर 2011 में फिर से खोला गया और इस मंदिर को खोलने के लिए पुजारी की बेटी फूलवती ने याचिका दायर की थी जिस पर कोर्ट ने इस मंदिर को खोलने का आदेश दिया।

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