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दाद, खाज, खुजली से छुटकारा दिलाती है यह औषधि, आप भी नहीं जानते होंगे इससे छुटकारा पाने का उपाय

दाद या दद्रु कुछ विशेष जाति का फफूँदों के कारण उत्पन्न त्वचाप्रदाह है। ये फफूंदें माइक्रोस्पोरोन (Microsporon), ट्राकॉफाइटॉन (Trichophyton), एपिडर्मोफाइटॉन (Epidermophyton) या टीनिया जाति की होती है। दद्रु रोग कई रूपों में शरीर के अंगों पर आक्रमण करता है। खोपड़ी का दद्रु फफूंद द्वारा केश की जड़ में आक्रमण के कारण होता है। यह बालों और नववयस्कों में अधिक होता है। खोपड़ी पर गोल चकत्तियों में गंगाजल हो जाता है। केश जड़ के पास से टूट जाते हैं। सूक्ष्मदर्शी से देखने पर केश के चारों ओर फफूंद जीवाणु का जाला सा दिखाई पड़ता है। इसकी चिकित्सा कठिन है। एक्स-किरणों से चिकित्सा की जाती है।
आयुर्वेद को एक पुरानी पद्धति माना जाता है, इस पद्धति में देसी जड़ी बूटियों का प्रयोग कर रोगों से राहत दिलाई जाती हैं, और आयुर्वेद प्राचीन काल से ही चला आ रहा है, इस पद्धति में ऐसी जड़ी बूटियों के बारे में बताया जाता है जो औषधि जल्द से जल्द रोग को खत्म कर स्वस्थ बनाने का काम करती है, आज के इस पोस्ट में हम एक ऐसी औषधि के बारे में बताने वाले हैं जो आपके शरीर के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद है, इस औषधि को हरड के नाम से जाना जाता है, यह फल विटामिन सी और खनिज पदार्थों से भरा हुआ है, इसके कई सारे स्वास्थ्य लाभ हैं, तो चलिए फिर जान लेते हैं हरड़ के फायदे के बारे में|
1. यदि आप त्वचा से संबंधित एलर्जी से पीड़ित हैं तो ऐसे में आप हरड फल को पानी में उबालकर इसका काढ़ा बना ले और इसका सेवन दिन में दो बार नियमित रूप से करें, आपको बहुत जल्द त्वचा की एलर्जी से राहत मिलेगी|
2.हरड़ का नियमित रूप से सेवन करने से वजन तेजी से कम होता है और यह पाचन में सहायक है, इसके नियमित सेवन से गैस, एसिडिटी, कब्ज जैसी समस्याएं नहीं होतीं और मोटापा भी धीरे-धीरे कम हो जाता है|
3.हरड़ का पल्प कब्ज से राहत दिलाने में बेहद गुणकारी है, यदि आप पल्प को चुटकी भर नमक के साथ सेवन करते हैं या फिर एक 2 ग्राम लोंग के साथ सेवन करते हैं तो कब्ज की समस्या से आपको राहत मिलती है|
4.मुंह में सूजन होने पर आप हरड के गरारे करें, इससे आपको मुंह की सूजन से तुरंत राहत मिलेगी|
5.फंगल एलर्जी या संक्रमण होने पर आप हरड के फल और हल्दी से तैयार लेप को प्रभावित भाग पर दिन में दो बार लगाएं, जब तक त्वचा सामान्य ना हो जाए इस लेप का इस्तेमाल जारी रखें|

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