Home Health Tips डायबिटीज और अस्थमा के रोगियों को अखरोट खाने से फायदा होगा

डायबिटीज और अस्थमा के रोगियों को अखरोट खाने से फायदा होगा

अखरोट पतझड़ करने वाले बहुत सुन्दर और सुगन्धित पेड़ होते हैं। इसकी दो जातियां पाई जाती हैं। ‘जंगली अखरोट’ 100 से 200 फीट तक ऊंचे, अपने आप उगते हैं। इसके फल का छिलका मोटा होता है। ‘कृषिजन्य अखरोट’ 40 से 90 फुट तक ऊंचा होता है और इसके फलों का छिलका पतला होता है। इसे ‘कागजी अखरोट’ कहते हैं। इससे बन्दूकों के कुन्दे बनाये जाते हैं।
दिल और दिमाग स्वस्थ रहेगा: इसमें मौजूद ओमेगा -3 फैटी एसिड दिमाग (मस्तिष्क) को स्वस्थ रखने और याददाश्त बढ़ाने में कारगर हैं। ओमेगा -3 फैटी एसिड मस्तिष्क को मस्तिष्क से अलग रखता है।
मधुमेह का संतुलन: विशेषज्ञों के अनुसार, इसके नियमित सेवन से मधुमेह टाइप -2 के खतरे को कम किया जा सकता है।
दमा के रोगियों को मिलेगा फायदा: इसमें मौजूद फैटी एसिड अस्थमा, गठिया और एक्जिमा जैसी समस्याओं को ठीक करने या कम करने में सहायक है।
वजन बढ़ाने या नुकसान का समर्थन करें: इसमें आपकी उम्र और वजन के हिसाब से संतुलित फाइबर की मात्रा लेना वजन बढ़ाने और नुकसान दोनों में सहायक है।
तनाव कम करता है: अखरोट खाने से मेलाटोनिन हार्मोन का सही मात्रा में उत्पादन होता है। मेलाटोनिन नींद की समस्या से राहत दिलाने के साथ-साथ तनाव से भी छुटकारा दिलाता है।
रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं।
गर्भावस्था में अखरोट बहुत उपयोगी है: यह कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। गर्भावस्था में नट्स के उपयोग के लिए डॉक्टर विशेष रूप से अखरोट का सेवन करने के लिए कहते हैं। यह गर्भावस्था में हृदय और चयापचय को भी लाभ पहुंचाता है। एक शोध में कहा गया है कि गर्भावस्था के दौरान अखरोट खाने से बच्चे की मस्तिष्क क्षमता और याददाश्त बढ़ाने में मदद मिलती है।

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