Home Ajab Gajab इस शख्स ने अपनी कलाकारी और हुनर के दम पर माचिस की...

इस शख्स ने अपनी कलाकारी और हुनर के दम पर माचिस की तीलियों से बनाया ताजमहल

माचिस की तीली सिर्फ जलाने के लिए नहीं है। चाह लें तो बिना जलाए इससे कला की रोशनी बिखेरी जा सकती है। बंगाल के एक डाककर्मी ने माचिस की एक लाख तीलियों से ताजमहल की अद्भुत प्रतिकृति तैयार कर इस बात को चरितार्थ किया है। ये शख्स हैं उत्तर 24 परगना जिले के इच्छापुर इलाके के नवाबगंज के रहने वाले 25 साल के अक्षय कुमार घोष। इस उपलब्धि के लिए उनका नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स’ में दर्ज किया गया है। इससे पहले यह रिकार्ड उत्तर प्रदेश के एक शख्स के नाम था, जिन्होंने 75,000 तीलियों से ताजमहल की प्रतिकृति तैयार की थी।

कोलकाता जीपीओ स्थित कोलकाता आरएमएस आफिस में सोर्टिंग असिस्टेंस के पद पर कर्मरत अक्षय ने कहा- ‘बचपन से ही मेरी रचनात्मक कार्यों में दिलचस्पी रही है। हस्तशिल्प का काफी शौक है। खुद से कुछ अलग गढऩे का हमेशा से ही प्रबल इच्छा रही है। इसे लेकर प्रयोग करता रहता हूं और चीजें होती चली जाती हैं। 2013 में मैंने तीलियों से मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार की थी। उसके बाद 2014 में हजारों तीलियों से एफिल टावर की प्रतिकृति बनाई और अब ताजमहल तैयार किया है।’

अक्षय ने आगे कहा- ‘मैंने 2016 से ताजमहल तैयार करने का काम शुरु किया था। इंटरनेट से ताजमहल की विभिन्न एंगल वाली तस्वीरें निकालीं और इसमें जुट गया। मुझे कोई जल्दबाजी नहीं थी। पढ़ाई के साथ थोड़ा-थोड़ा करके इसे तैयार करता रहा इसलिए चार साल लग गए। इस साल में यह बनकर पूरा हुआ है। इसे बनाने में करीब 10 हजार रुपये की लागत आई है। इसे बनाने में मैंने सिर्फ माचिस की तीलियों और उन्हें जोडऩे के लिए गोंद का इस्तेमाल किया है। इसे तैयार करने के लिए मुझे 2500 से ज्यादा एक ही ब्रांड की माचिस की डिबिया खरीदनी पड़ी। एक माचिस की डिबिया में करीब 40 तीलियां होती है। ताजमहल की प्रतिकृति की ऊंचाई 22 इंच और वजन डेढ़ किलो के आसपास है।

खास बात यह है कि इसके गुंबद और खंभों को आसानी से अलग किया और फिर से जोड़ा जा सकता है। अक्षय अब गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड्स में सबसे ज्यादा माचिस की तीलियों से ताजमहल की प्रतिकृति तैयार करने का दावा पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा ताजमहल दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक है और हमारे देश की शान है इसलिए मैंने इसकी प्रतिकृति तैयार करने के बारे में सोचा। अब मेरी योजना माचिस की तीलियों से दुनिया के एक और वंडर ब्राजील स्थित ‘क्राइस्ट द रीमेडर’ की प्रतिकृति तैयार करने की है। अक्षय के पिता दिलीप कुमार घोष सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी और मां शेफाली घोष आम गृहिणी हैं। उनका संदीप घोष नामक बड़ा भाई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here