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2024 में भी आने की सम्भावना बढ़ गयी है भाजपा की सरकार क्या, आइए जाने

भारतीय जनता पार्टी (संक्षेप में, भाजपा) भारत का प्रमुख राजनीतिक दल है। 2016 के अनुसार  भारतीय संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के मामले में यह भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और प्राथमिक सदस्यता के मामले में यह दुनिया का सबसे बड़ा दल है।
आज मैं आपको यह बताने जा रहा हूं कि कोई सरकार अगर गलत काम भी करती है तो कुछ ही दिनों में जनता उसे भूल जाती है. और इसी प्रकार से अच्छे कार्य को भी जनता जल्दी भूल जाती है.
मैं हाल ही में बीजेपी द्वारा एसटी एससी कानून को इंसानियत के खिलाफ बनाते हुए संशोधित किया गया. जिससे सीधा सीधा जनरल कास्ट में आने वाले लोगों का उत्पीड़न 100% होगा. लेकिन जब चुनाव हुआ तो बहुत ही जल्दी लोग उसे भूल गए और बीजेपी को बंपर जीत दिलवाई.
बीजेपी धीरे-धीरे अपने सारे के सारे टारगेट पूरे कर रही है, और वर्षों से मांग में सभी कार्यों को पूरा कर रही है, जिसके अंदर 370, तीन तलाक, नागरिकता बिल इत्यादि है इससे जनता काफी खुश है.लेकिन भारतीय जनता पार्टी दो मुद्दों पर बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुई है
नंबर एक पर है अफसरों द्वारा घूसखोरी
नंबर दो पर है देश की डूबती अर्थव्यवस्था
अफसरों द्वारा जो भी घूसखोरी की जाती है उसका एक हिस्सा सरकार तक भी पहुंचता है यह बात सभी जानते हैं तभी आज के समय में अधिकारी कितना भी सही कार्य क्यों ना हो बिना घूस के कार्य नहीं कर रहा है बल्कि घूसखोरी 5 से 10 गुना तक बढ़ गई है जो अत्यधिक चिंता का सबब है.
दूसरी डूबती हुई अर्थव्यवस्था
अर्थव्यवस्था डूबने से एक तो —-
बेरोजगारी की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ रही है. महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ रही है लोगों की नौकरियां जो थी वह जा रही है.
बैंक में रखा पैसा सुरक्षित है इस बात की भी कोई गारंटी आज के समय में नहीं रह गई है.
बीजेपी अपने कितने भी मुद्दे सुलझा लें लेकिन अगर लोगों को रोजगार नहीं मिलेगा, रोटी नहीं मिलेगी भ्रष्टाचार यूं ही चलता रहेगा तो बीजेपी के किए गए सभी सही कार्यों को भी जनता भूल जाएगी क्योंकि सबसे पहले पेट में रोटी आती है उसके बाद ही व्यक्ति दूसरी बात सोचता है और इस मुद्दे पर बीजेपी 100% अभी तक फेल नजर आ रही है.
बीजेपी सन 2019 में बंपर जीत इसलिए लेकर आई है क्योंकि विपक्ष हिंदू विरोधी बातें करता है और 80% हिंदुओं के पास बीजेपी के अलावा कोई और दूसरा ऑप्शन नहीं है इस जीत में बीजेपी की अपनी भागीदारी काफी कम है और बीजेपी की जीत में विपक्ष की भागीदारी बहुत ज्यादा है हालांकि विपक्ष अब भी उसी चाल पर चल रहा है जिसका फायदा आने वाले समय में बीजेपी को जरूर मिलेगा.
नागरिकता बिल इतना बड़ा मुद्दा नहीं है लेकिन जिस प्रकार से विपक्ष देश को दंगे की आग में अराजकता की आग में झोंक रहा है और आंदोलनकारियों के गलत व्यवहार को भी सही कह कर सरकार की निंदा कर रहा है यह उसके पक्ष में नहीं जाएगा.
विपक्ष पता नहीं यह कैसे भूल जाता है……….
वह जिस मीडिया के सामने यह बयान दे रहे हैं, वह जिस मीडिया के सामने धरना कर रहे हैं, उस मीडिया को देखने वाले लोग पढ़े-लिखे हैं. राजनीति के अच्छे जानकार हैं सच्चाई में और गलत में फर्क करना जानते हैं.
गांव के लोगों को तो इस दंगे फसाद के बारे में ना के बराबर ही नॉलेज होगी. वह जिस जनता को यह दिखाने की कोशिश कर रहा है वह जनता अत्यधिक समझदार और पढ़ी लिखी है वह अपना भला-बुरा पहचानती है और वह जनता कभी भी राजनेताओं के बहकावे में जल्दी से नहीं आती है.
जिस प्रकार से विपक्ष उपद्रवियों के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है उनके अनैतिक कार्य को सपोर्ट कर रहा है. यह 80% लोगों के मन में उनके खिलाफ नफरत ही पैदा करेगी जो कि एनआरसी के और कैब के विरोध में नहीं है.
जिस प्रकार से विपक्ष उपद्रवियों के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है उनके अनैतिक कार्य को सपोर्ट कर रहा है यह बाद हंड्रेड परसेंट 80% लोगों के मन में उनकेखिलाफ नफरत ही पैदा करेगी जो कि एनआरसी के और कैब के विरोध में नहीं है.
अगर यह कार्य असंवैधानिक है देश के अंदर धर्म जाति के नाम पर कुछ नहीं किया जाता है तो विपक्ष मेरे कुछ सवालों का जवाब दे दे या जो इस बिल का विरोध कर रहे हैं वह मेरे कुछ सवालों का जवाब दे.तो हम भी उनके साथ हैं ——
देश अगर धर्मनिरपेक्ष है तो अल्पसंख्यक मंत्रालय यहां किस लिए है यह कहीं ना कहीं जाति और धर्म को ही बढ़ावा देता है.
अगर देश धर्मनिरपेक्ष है तो यहां पर आरक्षण धर्म और जाति के नाम पर क्यों हैं
अगर हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है तो सामान नियम कानून का प्रावधान हमारे संविधान ने क्यों नहीं किया है. हिंदू मुसलमानों के लिए अलग-अलग कानून क्यों है.
देश में एक बात देखने में आ रही है अगर कोई फायदा धर्म जाति के नाम पर होता है तो लोग चुपचाप उसे स्वीकार कर लेते हैं और अगर यही धर्म जाति के नाम पर कोई कानून नुकसान करता है तो धर्मनिरपेक्ष था का गाना गाना शुरू कर देते हैं.
जहां तक बीजेपी का 2024 में चुनाव जीतने की बात है तो इन सब हरकतों से जो कि विपक्ष कर रहा है बीजेपी को मजबूती प्रदान कर रहा है क्योंकि उसकी राजनीति सिर्फ मुसलमानों के इर्द-गिर्द ही घूमती हुई नजर आ रही है सभी की सभी विपक्षी पार्टियां उन्हें अपने पक्ष में करने के लिए सब कुछ ताक पर रखने को तैयार हैं तो ऐसे में बीजेपी की स्थिति तो मजबूत होगी.
अगर विपक्ष बीजेपी के हर मुद्दे पर कुछ भी नहीं बोलता तो बीजेपी को 2024 में बेरोजगारी, महंगाई और इकोनामी साथ ही साथ भ्रष्टाचार का मुद्दा अपने आप नीचे ले आता.
हम यह नहीं कह रहे हैं कि बीजेपी हार जाती लेकिन जितनी मजबूती से अब इनके विरोध के बाद वह सीटें लेकर आएगी उतनी नहीं लेकर आ पाती.

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