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घरेलू निवेशकों ने शुरू की सेलिंग जबकि एफआईआई की खरीदारी , 13 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ

मार्च महीने में बाजार भारी उतार-चढ़ाव के बाद अप्रैल महीने में बाजार के सेंटीमेंट में थोड़ा पॉजिटीव माहौल दिख रहा है। इस वजह से अब विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने जहां इक्विटी बाजार में खरीदारी शुरू की है, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई ने सेलिंग शुरू की है।
आंकड़े बताते हैं कि 9 अप्रैल को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में एफआईआई की खरीदारी देखने को मिली। 9 अप्रैल इस छोटे कारोबारी हफ्ते का अंतिम कारोबारी दिन था और इस दिन एफआईआई ने 1,737.62 करोड़ रुपए के शेयरों की खरीद की जबकि पिछले 2 सत्रों में एफआईआई की तरफ से क्रमश: 1,943.41 करोड़ रुपए और 741.77 करोड़ रुपए के शेयरों की खरीद हुई थी। कुछ समय के लिए ही सही विदेशी संस्थागत निवेशक भारत को लेकर आशावादी हो गए हैं।
मार्च में भारी सेलिंग किए थे एफआईआई
बता दें कि विदेशी निवेशकों ने मार्च में भारतीय बाजारों में भारी बिकवाली की थी। अप्रैल में अब तक 1,345.04 करोड़ रुपए की एफआईआई खरीदारी हो चुकी है जबकि मार्च में एफआईआई ने 65,816.70 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी। उधर डीआईआई ने अप्रैल की बाजार की तेजी का उपयोग अपने शेयरों की बिकवाली के लिए किया। घरेलू फंडों ने 9 अप्रैल को 466.02 करोड़ रुपए और उसके पिछले सत्र में 1,757.79 करोड़ रुपए की बिकवाली की।
अब डीआईआई कर रहे हैं सेलिंग
डीआईआई अप्रैल में अब तक शुद्ध रूप से शेयरों की बिक्री कर रहे है। इन्होंने अप्रैल में अब तक 2,025.11 करोड़ रुपए की बिक्री की है जबकि मार्च में इनकी तरफ से 55,595.18 करोड़ रुपए की खरीदारी हुई थी। पिछले 2 सप्ताहों के कंसोलिडेशन के बाद कल खत्म हुए कारोबारी हफ्ते में बाजार सेटिमेंट में सुधार देखने को मिला। इस सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 13 फीसदी की उछाल देखने को मिला और ये क्रमश: 31,000 और 9,100 के ऊपर बंद हुए। शुक्रवार को खत्म हुए हफ्ते में निवेशकों की वेल्थ 12.4 लाख करोड़ रुपए बढ़ी जबकि 23 मार्च से अब तक निवेशकों को करीब 19 लाख करोड़ रुपए की कमाई हुई।
23 मार्च को इंट्राडे में सेंसेक्स में थी ज्यादा गिरावट
बाजार को कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में संक्रमण की दर में आने वाली गिरावट की संभावना और राहत पैकेज की उम्मीद से भी सहारा मिला है। बाजार में 23 मार्च के कई सालों के निचले स्तर से अब तक शानदार तेजी देखने को मिली है। बता दें कि 23 मार्च 2020 को सेंसेक्स और निफ्टी में इतिहास की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट देखने को मिली थी। 23 मार्च के बाद अब तक सेंसेक्स और निफ्टी में 21 फीसदी से ज्यादा की रिकवरी देखने को मिली है।
कई देशों में कोविड-19 के चरम पर पहुंचने से पॉजिटीव माहौल
एंजल ब्रोकिंग के प्रमुख एडवाइजर्स अमरदेव सिंह ने बताया कि इटली और अमेरिका सहित कई देशों में कोविड-19 मामलों के चरम पर पहुंचने के शुरुआती संकेत मिले हैं। यह वैश्विक निवेशकों को सकारात्मक संकेत दे रहा है। भारत में प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए राज्य और केंद्रीय नेतृत्व भी सक्रिय सहयोग कर रहा है । इन घटनाओं का इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और हालिया मार्केट गिरावट के बाद निवेशकों को एक स्वीट एंट्री पॉइंट दे रहा है।

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