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साइबर व सर्विलांस सेल की टीम ने बैंक के फर्जी मैसेज भेजकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया

बस्ती की कलवारी पुलिस, साइबर व सर्विलांस सेल की टीम ने बैंक के फर्जी मैसेज भेजकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। गैंग के सरगना गोंडा के रहने वाले पिता-पुत्र के साथ ही एक अन्य सहित कुल तीन लोगों को अगौना गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। विभिन्न राज्यों में लाखों रुपये का फ्रॉड कर चुके आरोपियों के पास से कूटरचित बैंक स्टेटमेंट, चेकबुक, एटीएम आदि सामान बरामद हुआ है। सभी पर गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई होगी।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने खुलासा किया कि गैंग का सरगना कमलेश्वर दत्त मिश्रा निवासी लक्ष्छीपुर थाना कोतवाली देहात जिला गोंडा खुद को बड़ा ठेकेदार बताकर ठगी की साजिश रचता था। पेट्रोल पंप व ईंट-भट्ठा मालिकों को निशाना बनाता था। इनसे बात करके पहले बड़ा ठेका मिलने का भरोसा दिलाता था। इसके बाद उनसे मिलने के लिए अपने बेटे जीवननाथ मिश्रा उर्फ छोटू मिश्रा और गोंडा जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र के रानीपुर निवासी संजय कोरी को भेजता था। काम के लिए बड़ा ऑर्डर देता था। एडवांस भुगतान की बात कहकर फर्जी बैंक मैसेज तैयार करता और बैंक बंदी के दिन संबंधित व्यापारी को भेज देता था, जिससे बैंक से इसकी क्रॉस चेकिंग न हो सके।
एसपी के अनुसार इसके बाद वह फोन कर कहता था कि मैंने आपके खाते में आर्डर से अधिक धनराशि भेज दी है। इस फर्जी मैसेज से व्यापारी भी इनके झांसे में आ जाते थे। कूटरचित बैंक मैसेज में ऑर्डर से अधिक धनराशि अंकित कर देता था और फिर कथित तौर पर भेजी गई अधिक धनराशि को आवश्कता बताकर वापस मंगाता था। व्यापारी के तैयार होने पर अपने गुर्गों को भेजकर व्यापारी से नगद पैसा मंगा लेता और फिर यह गैंग जिला छोड़ कर फरार हो जाता था।
बस्ती जिले में इसी पैटर्न पर कलवारी में दो लाख रुपये व लालगंज में 90 हजार रुपये की ठगी को अंजाम देने के बाद एसपी ने इनकी धरपकड़ के लिए साइबर सेल की मदद से कलवारी व लालगंज पुलिस को लगाया। एसपी ने बताया कि इसी पैटर्न पर देवरिया में भी इस गिरोह ने नौ लाख रुपये का फ्रॉड एक पेट्रोल पंप पर किया था। इनके कब्जे से प्रतिष्ठानों के फोन नंबर व पर्ची आदि मिली है। इसकी मदद से अन्य घटनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है। गैंग में शामिल एक और शख्स का नाम सामने आया है, उसकी तलाश की जा रही है।
मैसेज एडिट करने से लेकर फर्जी स्टेटमेंट तक करते थे तैयार
एसपी ने बताया कि बड़े कारोबारियों को निशाना बनाने वाला यह गैंग बैंक के मैसेज को एडिट कर फर्जी मैसेज बनाने के साथ ही आवश्कता पड़ने पर फर्जी बैंक स्टेटमेंट भी तैयार कर लेता था। खुद को बड़ा ठेकेदार बताने के साथ ही कहीं-कहीं अच्छा कमीशन मिलने पर सामान खरीदने का भी झांसा देते थे। इस काम के लिए फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और चेकबुक भी साथ रखते थे। कारोबारी को भरोसा दिलाने के लिए जरूरत पड़ने पर उसकी फोटोकॉपी कराकर व्यवसायियों को दे देते थे। पुलिस पूछताछ में लालगंज व कलवारी में अंजाम दी गई घटनाओं को भी कबूल किया है।

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