हरदोई : सफाई कर्मचारी की बल्ले बल्ले हो रही है, इस समय तेजी से फैल रही डेंगू और मलेरिया जैसी खतरनाक संक्रामक बीमारियों के बावजूद भी भारत सरकार और स्टेट सरकार की स्वच्छता अभियान योजना कहीं भी जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रही है। गांव में इतनी भारी संख्या में कूड़ा और कचरा लगा हुआ है। जिसके कारण लोग काफी संख्या में बीमार हो रहे हैं लेकिन इसका असर सरकार पर नहीं पड़ रहा। जबकि सरकार ने लगभग हर घर में एक शौचालय बनवाया गया और हर साल करोड़ों रुपए स्वच्छता अभियान के तहत खर्च किए जाते हैं लेकिन इसके बावजूद भी गांव में सफाई के नाम पर कुछ नहीं दिखाई देता।

आज भी जगह-जगह पर कूड़ा और भारी संख्या में जमा पानी के कारण मच्छर पनप रहे हैं। जिससे डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियां और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां भी जन्म ले रहे हैं। हर गांव में लगभग दो से तीन सफाई कर्मचारी सरकारी तौर पर लगाए गए हैं किंतु सफाई कर्मचारी कुछ पैसों का लेनदेन करके खुद कभी भी सफाई नहीं करते हैं और दूसरों को कुछ रुपए देकर महीने में या 6 महीने में एक बार सफाई करा देते हैं।

जबकि बरसात के मौसम में पानी जगह-जगह जमा हो जाता है तो इसकी सफाई नियमित रूप से ना हो पाने पर कई बीमारियां अपने पैर पसारने लगती हैं। सफाई कर्मचारी गांव में यह अपने सांठगांठ कर लेते हैं और ब्लॉक में बैठकर ही अपनी पूरी तनखा उठाते हैं। आला अधिकारी भी इन सभी बातों को जानते हुए भी इन पर किसी तरह का एक्शन नहीं लेते हैं। जिससे तेजी से फैल रही बीमारियों में और बढ़ोतरी होती जाती है।

सफाई कर्मचारी 6 महीने से नहीं आये गाँव 

कभी-कभी यह बीमारियां मौत का कारण भी बन जाती हैं। अहिरोरी ब्लाक जनपद हरदोई की घटना है। जहां ग्राम पंचायत अटवा कटैया में सफाई कर्मचारी घर में बैठकर तनखा लेते हैं और सफाई के नाम पर 6 महीने से कुछ भी नहीं किया गया। गांव के ही कुछ लोग शौकत अली, नफीस खान और रईस खान ने बताया की लगभग 6 महीने से सफाई कर्मी गांव नहीं आए हैं। जिससे गांव में भारी संख्या में कूड़ा करकट और पानी भरा हुआ है।

जिससे बीमारियां फैलने का काफी खतरा बना रहता है। इतना ही नहीं जब सफाई कर्मी 6 महीने से नहीं आए तो ग्रामीणों ने खुद ही अपने गांव की सफाई करने का बीड़ा उठाया और अपने गांव की सफाई करने लगे इस घटना के संबंध में जब कई पदाधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन उठाना ही उचित नहीं समझा।

सफाई कर्मचारी ब्लॉक में ही बैठकर अपने अधिकारियों के जेब में पैसे ठूसते रहते हैं। जिससे उन्हें कभी गांव में साफ सफाई करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। सरकार को सफाई कर्मचारियों के कार्य की पड़ताल करा कर जांच करानी चाहिए और इस तरह के सफाई कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिए ताकि भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान में किसी तरह की कोताही ना हो सके और लोग भी डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी से बचकर स्वस्थ जीवन जी सकें।

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