बीएसपी महासचिव और राज सभा सांसद सतीश चंद्र मिश्र को उन्हीं के घर में नजरबंद कर दिया गया है। यह  आरोप लगाते हुए मायावती ने ट्विटर पर ट्वीट किया है। मायावती ने कहा कि बीएसपी महासचिव सतीश चंद्र मिश्र लखीमपुर घटना को देखने जाने वाले थे। इससे पहले ही सतीश चंद्र मिश्र को उनके ही घर में नजरबंद कर दिया  गया।
मायावती ने यह भी आरोप लगाया की अभी भी सतीश चंद्र मिश्र नजरबंद है ताकि उनके नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल लखीमपुर खीरी जाकर किसान हत्याकांड की सही रिपोर्ट न प्राप्त कर सके।  यह अति दुखद और निंदनीय है। 
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भारतीय जनता जनता पार्टी को कटघरे में लेते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश के दुखद लखीमपुर खीरी कांड में भाजपा के दो मंत्रियों की संलिप्तता के कारण इस घटना की सही सरकारी जांच व पीड़ितों के साथ न्याय तथा दोषियों को सब को संभव नहीं लगती है। इसलिए इस घटना की जिसमे अब तक 8 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। न्यायिक जांच जरूरी है। बीएसपी इसकी मांग करती है।

सतीश चन्द्र मिश्र को नजरबन्द करने का मायावती ने लगाया आरोप  

 मायावती ने इस घटना को बहुत ही दुखद  और निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल लखीमपुर खीरी किसान हत्याकांड में न पहुंच सके इसलिए हमारी पार्टी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को उन्हीं के घर में नजर बंद कर दिया गया है। ताकि घटना की सच्चाई सामने ना आ सके। यह बहुत ही दुखद और निंदनीय घटना है। 
किसानों के नेता ने रोते हुए प्रेस मीडिया से बात करते हुए कहा की हमें खालिस्तानी और पाकिस्तानी बताने में मीडिया बहुत ही आगे रही है। किंतु अब हमारे साथ जो हो रहा है उसे मीडिया खुलकर क्यों नहीं दिखा रही है। किसान नेता ने मीडिया पर भी जमकर आरोप लगाए और कहां कि जब हम लोगों की हत्या की जा रही है तब मीडिया इसे क्यों नहीं अच्छी तरीके से दिखा रही है। 
हम लोग कहां जाएंगे हमारे साथ दिल्ली में भी अत्याचार हो रहा है और यहां भी हम लोग शांति पूर्ण रुप से प्रदर्शन कर रहे थे। तब हमारे साथ यह  बर्ताव किया गया हमारे भाइयों को गाड़ियों से कुचल दिया गया हालांकि उन्होंने मंत्री के बेटे का भी नाम लिया है।
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