लखीमपुर में जो घटना घटी है वह बहुत ही दुखद है और भाजपा सरकार में ऐसी घटना होना काफी गंभीर मामला है। जबकि अक्सर भाजपा सरकार को एक अच्छी सरकार बताया जा रहा है। लेकिन इस तरह की घटनाएं सरकार को नाकाम साबित करती  हैं। लखीमपुर खीरी जिले में तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग करने के लिए किसान आंदोलन कर रहे थे। 

लखीमपुर में केंद्रीय मंत्री के पुत्र 3 कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानो को मौत के घाट उतारा

जिनको केंद्रीय मंत्री के पुत्र द्वारा कथित तौर पर कई किसानों की गाड़ियों से रौंदकर हत्या कर दी गई। लखीमपुर खीरी की यह घटना कितनी डरावनी और दुखद है। इससे यह सिद्ध होता है कि यूपी में गुंडाराज इस समय भी अपनी चरम सीमा पर है। 
जानकारी के अनुसार किसान लखीमपुर खीरी में बैठ कर आराम से तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे थे। तभी केंद्रीय मंत्री के पुत्र द्वारा कई किसानों को रौंद कर मार डाला गया। यह सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए बहुत ही शर्मसार घटना है। इस घटना की किसानों ने जांच करने को मांग की है और अपराधियों को तुरंत सजा देने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद मायावती ने इस घटना पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि इस घटना के संबंध में भी पीड़ितों को  सरकार से उचित न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। इसलिए माननीय सुप्रीम कोर्ट इस दुखद घटना का स्वयं ही संज्ञान लें।  बीएसपी की यह मांग है। साथ ही बीएसपी के स्थानीय प्रतिनिधि मंडल को भी घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया। मायावती ने यह ट्वीट अपने ऑफिशियल टि्वटर हैंडल पर किया है।  हालांकि लखीमपुर की घटना कल ट्विटर पर भी काफी काफी चर्चा का विषय बनी रही है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी ट्वीट करते हुए लिखा है कि कृषि  कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे।  किसानों को भाजपा सरकार के गृह राज्य मंत्री के पुत्र द्वारा गाड़ी से रौंदना घोर अमानवीय और क्रूर कृत्य है। उत्तर प्रदेश की जनता  भाजपाइयों का जुल्म और अब नहीं सहेगी। 
 यही हाल रहा तो उत्तर प्रदेश में भाजपाई ना गाड़ी से चल पाएंगे ना उतर पाएंगे। दूसरे ट्वीट में यादव ने लिखा है कि लखीमपुर खीरी में भाजपाइयों द्वारा गाड़ी से रौंदे  जाने की घटना में गंभीर रूप से घायल किसान नेता श्री तेजिंदर सिंह जी से अभी थोड़ी बात हो पाई है। उनके अति गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार तुरंत उन्हें सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराये।  बस एक मांग मुख्यमंत्री इस्तीफा दें। यह ट्वीट अखिलेश यादव ने अपने ऑफिस में टोटल हैंडल से किया है।
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