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राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 115 नए मामले सामने आए

राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 115 नए मामले सामने आए और करीब 200 मरीज कोरोना मुक्त होकर घर लौट गए। राहत की बात यह रही कि आज केवल 4 मरीजों को ही अपनी जान गंवानी पड़ी है। दिल्ली में अब संक्रमण दर घटकर 0.15 फीसद रह गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, बीते 24 घंटे में जहां कोरोना के 115 नए मरीज मिले हैं। वहीं 4 मरीजों की मौत हुई है, जबकि गुरुवार को 109 लोग संक्रमित मिले थे और 08 मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
बुलेटिन के अनुसार, आज 198 मरीज पूरी तरह ठीक होकर कोरोना मुक्त हो गए, जबकि गुरुवार को ठीक होने वालों की संख्या 131 थी। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि दिल्ली में अब तक संक्रमितों की कुल संख्या 14,33,590 हो गई है और 503 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। राजधानी में अब कोरोना वायरस संक्रमण के एक्टिव केस घटकर 1,680 पर आ गए हैं। इसके साथ ही, अब तक कुल 14,06,958 मरीज इस महामारी को मात देकर ठीक भी हो चुके हैं। वहीं अब तक कुल मृतकों का आंकड़ा 24,952 पर पहुंच गया है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटे में दिल्ली में कुल 77,477 टेस्ट किए गए हैं। इनमें से 54,739 आरटीपीआर/ सीबीएनएएटी / ट्रूनैट टेस्ट और 22,738 रैपिड एंटीजन टेस्ट शामिल थे। दिल्ली में अब तक कुल 21,130,759 जांचें हुई हैं और प्रति 10 लाख लोगों पर 11,12,145 टेस्ट किए गए हैं। इसके साथ ही अब यहां कंटेनमेंट जोन की संख्या भी घटकर 2,048 पर आ गई है।
दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली में ऑक्सीजन की मांग को ‘बढ़ा-चढ़ा कर बताए जाने वाली एक कथित रिपोर्ट के सामने आने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आपराधिक लापरवाही के आरोपों का सामना करने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि उनका अपराध केवल इतना है कि उन्होंने दो करोड़ लोगों को सांसें देने के लिए लड़ाई लड़ी। केजरीवाल ने साथ ही कहा कि जिन्होंने ऑक्सीजन की कमी के कारण अपनों को खोया है, उन्हें झूठा नहीं कहा जा सकता।
दरअसल, राजधानी के अस्पतालों में ऑक्सीजन की खपत पर ऑडिट के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक ऑडिट कमेटी ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन की खपत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया की अगुवाई वाले पैनल ने कहा कि संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली सरकार ने 30 अप्रैल को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के आवंटन की मांग की थी, जो गलत फॉर्मूला पर आधारित थी। रिपोर्ट सामने आने के बाद भाजपा ने केजरीवाल पर जघन्य अपराध और आपराधिक लापरवाही का आरोप लगाया जा रहा है।

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