नीरज चोपड़ा का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक ने उनको आसमान की बुलंदियों पर पहुंचा दिया। स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्हें सैकड़ों समारोह में सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उनके कई इंटरव्यू भी लिए गए। नीरज चोपड़ा ने अब अपना मूड बना रखा है की पेरिस में जाकर भी मेडल जीतना है।

इसके लिए उन्होंने तैयारी भी अपनी पूरी कर ली है और इसके बाद अब वह पेरिस के लिए रवाना भी हो चुके हैं। मजे की बात तो यह है इस बार उनको अपने माता पिता को साथ में ले जाने का मौका मिला है। नीरज चोपड़ा ने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए कहा कि आज जिंदगी का सपना पूरा हुआ जो अपने मां और पापा को पहली बार फ्लाइट पर बैठा पाया सभी की दुआ और आशीर्वाद के लिए हमेशा आभारी रहूंगा।

नीरज चोपड़ा को मिली खुशी 

इतनी ज्यादा व्यस्तता के बाद 1 महीने से ज्यादा दिन के बाद उन्हें अपने ट्रेनिंग ग्राउंड इंस्पायर इंस्टीट्यूट आफ स्पोर्ट्स जाने का मौका मिला। इसी मौके पर वह अपने माता पिता के साथ चार्टर्ड फ्लाइट में सवार होकर विजय नगर अपने ट्रेनिंग ग्राउंड इंस्टिट्यूट गए।

नीरज चोपड़ा डेढ़ हजार किलोमीटर की इस यात्रा के बीच अपनी मम्मी की बगल वाली सीट पर बैठे। इसके अलावा प्लेन में ही उन्होंने अपने मम्मी पापा के साथ कई तस्वीरें भी खिंचवाई हैं। प्लेन में ही उनसे एयर होस्टेस सहित कई लोगों ने सवाल किए जिनका बहुत ही शालीनता के साथ चोपड़ा ने उत्तर दिया।

विजय नगर पहुंचने के बाद वहां मौजूद लगभग 700 लोगों ने उनके साथ सेल्फी ली। नीरज चोपड़ा के चेहरे पर खुशी झलक रही थी। उन्होंने वहां मौजूद सभी के दिलों पर राज कर लिया और सभी लोगों का दिल जीतने में कामयाब भी रहे।

अभिनव बिंद्रा के बाद नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण जीतने की अलख जगाई और आज भारत कई स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहा। नीरज चोपड़ा स्वभाव से बहुत ही खुश्दिल मिजाज हैं। ऐसा कहा जाता है स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

कई दिनों तक वह स्वर्ण पदक को अपने सीने से लगा कर सोते रहे लेकिन अब उन्होंने अपनी मंजिल को और भी मजबूत करने के लिए ठान लिया है। इसलिए पेरिस में होने वाली चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए भी वो एकदम से पूरी तरह से फिट हैं।

उनका कहना है की पेरिस से भी भारत के लिए एक स्वर्ण लाने के लिए अपनी पूरी जान लगा दूंगा। नीरज चोपड़ा अपने स्वभाव से ही लोगों का दिल जीत लेते हैं। वह किसी तरह का घमंड नहीं करते। वह साधारण आदमी की तरह रहते हैं और उन्हें इस बात का एहसास ही नहीं होता है कि उन्होंने भारत के लिए स्वर्ण का पदक जीतकर भारत के समस्त नागरिकों का दिल जीता है।

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