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नालंदा में छबिलापुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव में भूमि विवाद में 5 लोगों की हत्या के मामले में थानाध्यक्ष विनोद कुमार को सस्पेंड कर दिया गया

नालंदा में छबिलापुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव में भूमि विवाद में 5 लोगों की हत्या के मामले में थानाध्यक्ष विनोद कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। उन पर लापरवाही के आरोप को सही पाते हुए आईजी संजय कुमार सिंह ने कार्रवाई की है। उनकी जगह पर लहेरी थाना के जीएसआई पंकज कुमार सिंह को थानाध्यक्ष बनाया गया है। एसपी हरि प्रसाथ एस ने बताया कि मामले में थानाध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध लग रही थी। जांच में स्पष्ट होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
उधर, पटना रेंज के आईजी संजय कुमार सिंह ने लोदीपुर मामले को गंभीरता से लेते हुए राजगीर में जिले के पुलिस महकमा के आलाधिकारियों के साथ गुरुवार को बैठक की। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए राजगीर डीएसपी सोमनाथ प्रसाद के नेतृत्व में आठ सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया गया है। यह टीम छविलापुर थानाध्यक्ष विनोद कुमार की संदिग्ध भूमिका की भी जांच करेगी।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि स्थानीय लोगों द्वारा घटना के पूर्व सूचना दी गयी थी। बावजूद थानाध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अगर इस मामले में वे दोषी पाये जाते हैं तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
लोदीपुर के मृतकों के परिजनों की सुरक्षा के लिए पुलिस कैंप कर रही है। एसपी हरि प्रसाथ एस. को मामले से संबंधित कोर्ट में चल रहे टाइटल शूट की कॉपी की मांग की गयी है। इस मामले का अध्ययन कर शीघ्र निपटारे का प्रयास किया जाएगा। आईजी के साथ बैठक में एसपी के अलावा डीएसपी सोमनाथ प्रसाद, पंकज कुमार मिश्रा व अन्य कई पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।
लोदीपुर गांव में बुधवार को गोली मारकर पांच लोगों की हत्या कर दी गयी। मरने वालों में बाप और दो बेटे समेत सभी एक ही परिवार के थे। गोली लगने से दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। करीब 200 राउंड गोली चलाने का आरोप लगाया गया है। 50 बीघा खेत के विवाद में गोतिया के लोगों के बीच हुए झगड़े में घटना को अंजाम दिया गया है।
मृतक के परिजनों की मानें तो झगड़े की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों का आरोप है कि गोलीबारी के पहले भी पुलिस को सूचना दी थी। थानाध्यक्ष ने आने से मना कर दिया। लोगों ने पुलिस पर बदमाशों से मिलीभगत का आरोप लगाया। लोग थानाध्यक्ष को हटाने और उन पर एफआईआर करने की मांग कर रहे थे।
गोलीबारी में यदु यादव (60), उसके दो बेटे पिंटू यादव (30 ) व मधेश यादव (25 ) के अलावा परशुराम यादव का बेटा धीरेन्द्र यादव (50) और शिवल यादव ( 40 ) की मौत हो गई थी। पांचों की मौके पर ही जान चली गई थी। घायलों में वीरेन्द्र प्रभाकर के पुत्र अतुल प्रभाकर व इंदु यादव शामिल हैं। दोनों को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।

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