Home Latest News दिल्ली पुलिस को अब किसी मामले की तफ्तीश के दौरान हार्डडिस्क या...

दिल्ली पुलिस को अब किसी मामले की तफ्तीश के दौरान हार्डडिस्क या मोबाइल से नष्ट किए गए जरूरी साक्ष्य हासिल करने के लिए महीनों का इंतजार नहीं करना होगा

दिल्ली पुलिस को अब किसी मामले की तफ्तीश के दौरान हार्डडिस्क या मोबाइल से नष्ट किए गए जरूरी साक्ष्य हासिल करने के लिए महीनों का इंतजार नहीं करना होगा। अब प्रत्येक जिले की साइबर यूनिट को डाटा रिकवरी टूल दिया गया है, जिसकी मदद से घंटों में किसी गजट से डिलीट डाटा फिर प्राप्त किया जा सकेगा।
सभी यूनिट को मिला डाटा रिकवरी टूल
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पिछले दो महीने में सभी जिलों की साइबर यूनिट को डाटा रिकवरी टूल मुहैया करा दिया गया है। इससे जिलों के अंतर्गत आने वाले थाना क्षेत्रों में हुए अपराध की तफ्तीश के दौरान डाटा रिकवरी का काम पहले से काफी तेजी से हो रहा है। इससे जांच में भी तेजी आई है।
जालसाजों के मोबाइल से डाटा प्राप्त किया
उत्तर जिला साइबर सेल ने एक माह पहले साइबर क्राइम में लिप्त तीन ठगों को पकड़ा था। हालांकि, पकड़े जाने से पहले ही ठगों ने अपने मोबाइल और हार्डडिस्क से सारा डाटा मिटा दिया था। लेकिन, साइबर सेल के पास मौजूद टूल से कुछ ही घंटों में यह डाटा पुलिस ने फिर से प्राप्त कर लिया। यह डाटा अपराधियों के खिलाफ सबूत का भी काम करेगा।
पहले जांच में होती थी देरी
साइबर क्राइम की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहले ऐसी स्थिति में फॉरेंसिक साइंस लैब में मोबाइल और अन्य उपकरणों को भेजा जाता था। दिल्ली की एकमात्र लैब होने के कारण छह महीने तक डाटा रिकवर होने में लग जाते थे। इस वजह मुकदमे की जांच भी प्रभावित होती थी। कुछ मामलों में पैरवी करने पर भी मिटाया गया डाटा हासिल करने में दो-तीन महीने लग जाते थे। अब जिलों को यह टूल मिल जाने से डाटा कुछ ही घंटों में हासिल हो जाता है।
जरूरी है तकनीकी साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों की मानें तो साइबर अपराध तेजी से बढ़ा है और ऐसे मामलों में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए तकनीकी साक्ष्य आवश्यक हैं। इस तरह के साक्ष्य में आरोपियों के मोबाइल, डीवीआर और लैपटॉप की हार्डडिस्क में मौजूद डाटा के विश्लेषण की जरूरत होती है। लेकिन, कई बार पुलिस द्वारा ऐसे उपकरणों के कब्जे में लेने तक आरोपी डाटा नष्ट कर देते हैं। यह डाटा न मिले तो उनके जुर्म को साबित करना मुश्किल हो जाता है और इस कारण जांच की गति भी धीमी हो जाती है। डाटा रिकवरी टूल ने यह उलझन दूर कर दी है।
तकनीकी कोर्स कराया जाएगा
सभी जिला यूनिट को डाटा रिकवरी टूल देने के साथ ही इसके इस्तेमाल के लिए साइबर क्राइम यूनिट में तैनात सभी एसआई को प्रशिक्षण दिया गया है। समय-समय पर अभी भी उन्हें ऑनलाइन प्रशिक्षित किया जाता है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, जल्द ही इस संबंध में तकनीकी कोर्स भी कराया जाएगा।

Previous articleबाल संप्रेक्षण गृह से पांच बाल बंदी लोहे का चैनल का ताला खोलकर फरार हो गए
Next articleकानपुर के बहुचर्चित विकास दुबे एनकाउंटर केस में खाकी को दागदार करने वालों की सजा तय हो गई

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here