दाद एक बहुत ही गंभीर समस्या है। इसे रिंगवर्म- Ringworm भी कहा जाता है। इससे भारत में 80 से पचासी परसेंट लोग हर समय पीड़ित रहते हैं। दाद फफूंद द्वारा होने वाला एक गंभीर रोग है। यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। यह व्यक्ति को काफी परेशान कर सकता है। साथ ही कभी-कभी इसका विकराल रूप भी देखने को मिलता है। जिससे यह शरीर के बहुत ज्यादा भाग को  प्रभावित करता है। मुख्य रूप से यह त्वचा पर होने वाला रोग है।

दाद होने के कारण

रिंगवर्म मुख्य रूप से फफूंद द्वारा होता है और फफूंद ऐसी जगह उत्पन्न होती है जहां लगभग हर समय नमी बनी रहती है। इसलिए शरीर के जिस हिस्से में हर समय नमी बनी रहती है। वहां पर रिंगवर्म हो जाता है। 
 इसलिए गीले कपड़ों को नहीं पहनना चाहिए और कपड़ों को पहनने से पहले शरीर को अच्छी तरीके से किसी सूती कपड़े या तौलिए से पोंछ लेना चाहिए। ज्यादा पसीना आने से भी बचना चाहिए क्योंकि जब ज्यादा पसीना आता है और शरीर के ऊपर से होकर  शरीर के जिस हिस्से में एकत्रित होता रहता है। वहीं पर रिंगवर्म जन्म ले लेता है।

दाद के प्रमुख लक्षण

जिस स्थान पर रिंगवर्म होता है। वहां पर लाल चकत्ते से पड़ जाते हैं और उन चकत्तों में दाने दिखाई पड़ते हैं। इसके साथ ही उनमें काफी ज्यादा खुजली भी होती है। कभी-कभी दाद वाला स्थान काला भी पड़ जाता है और पूरी तरह से चमड़ी को खराब कर देता है। इसलिए इसका तत्काल उपचार करना चाहिए। 

दाद का प्रमुख उपचार

रिंगवर्म को खत्म करने का सबसे बेहतरीन उपाय यह है की एक किलोग्राम नीम की पत्तियों को एक बड़ी बाल्टी में अच्छी तरह से उबाल लें। इसके बाद नीम की पत्तियों को निकाल कर फेंक दें और उस पानी से स्नान करें। ऐसा करने से बहुत जल्दी और ज्यादा लाभ होता है।
रिंगवर्म के उपचार में एडमज बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यह सामान्य रूप से एक द्रव्य होता है और द्रव रूप में ही इसका प्रयोग किया जाता है। इसके पौधे के बीजों को पीसकर दाद के स्थान पर लेप के रूप में लगाने से भी बहुत ज्यादा लाभ मिलता है।

दाद वाले रोगी क्या ना करें

रिंगवर्म से पीड़ित रोगियों को दही, अचार, इमली एवं अन्य बहुत से खट्टी वस्तुओं का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से दाद ठीक होने में बहुत मदद मिलती है।
नोट-किसी भी नुस्खे को प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से एक बार परामर्श अवश्य कर लें।
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