उत्तर प्रदेश सरकार ने दहेज के खिलाफ एक बहुत बड़ी पहल शुरू की है। इसके अंतर्गत सन 2004 के बाद जिन लोगों ने शादी की है और वह सरकारी नौकरी या संविदा पर कार्य कर रहे हैं तो उन्हें यह प्रमाण पत्र देना होगा की शादी में उन्होंने दहेज नहीं लिया है। अगर वह इसमें संलिप्त पाए जाते हैं तो सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी।
प्रदेश सरकार ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 एवं उत्तर प्रदेश दहेज प्रतिषेध नियावाली 1999 यथा संशोधित नियमावली 2004 के प्रावधानों के अनुपालन के संबंध में जानकारी सभी सरकारी कर्मचारियों से मांगी है। इसके लिए समस्त विभाग अध्यक्ष, समस्त मंडल आयुक्त, समस्त जिलाधिकारी और समस्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुलिस अधीक्षक उत्तर प्रदेश को 12 अक्टूबर 2021 को पत्र जारी कर सूचना उपलब्ध करा दी गई है। 
जिस फॉर्मेट पर सरकारी कर्मचारी जानकारी देंगे वह फॉर्म भी उपलब्ध कराया गया है। यह हमारे समाज की बहुत बड़ी कुरीति है। इसके चलते हजारों बहनों को अपनी आत्महत्या करनी पड़ी। यहां तक कई पिता ने भी अपनी पुत्री के शादी में दहेज ना इकट्ठा कर पाने के कारण आत्महत्या की है। 
योगी सरकार द्वारा उठाया गया कदम बहुत ही सराहनीय है और इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम ही है। पत्र में लिखा गया है कृपया उपरोक्त विषयक निदेशालय पत्र संख्या सी-2792/निदे० म ० क ०/प्रोबे०/2020-21 दिनांक 31.03. 2021 का संदर्भ करने का कष्ट करें। जिसके द्वारा अवगत कराते हुए कि प्रदेश सरकार द्वारा दहेज जो कि एक सामाजिक बुराई है। 
 इसको रोकने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश दहेज प्रतिषेध नियमावली 1999 दिनांक 29.10. 2021 प्रख्यापित की गई है। तत्पश्चात  दिनांक 31.03. 2004  को उत्तर प्रदेश दहेज प्रतिषेध जारी करते हुए नियम 5 में व्यवस्था की गई है कि प्रत्येक सरकारी सेवक अपने विवाह के समय यह उल्लेख करते हुए अपने नियुक्ति अधिकारी को स्वहस्ताक्षरित घोषणा पत्र प्रदान करेगा कि उसने अपने विवाह में कोई दहेजादि नहीं लिया है। 

दहेज प्रतिषेध नियमावली

संबंधित संकलन सूचना प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया गया है। इस संबंध में सूचना प्रमाण पत्र अभी प्रतीक्षित है। उक्त संबंध में आपसे अनुरोध है कि अपने अधीन विभागों, कार्यालयों में जिन्होंने दिनांक 31. 04. 2004  के बाद विवाह किया है। उन सरकारी सेवकों से उपरोक्त अनुसार घोषणा पत्र प्राप्त कर लिया जाए कि उन्होंने अपने विवाह के समय कोई दहेज नहीं लिया है। 
इस आशय की सूचना प्रमाण पत्र प्राप्त कर ईमेल आईडी dowryprohibitionup@gmail.com पर दिनांक 18.10.2021 तक अनिवार्य रूप से प्राप्त कर लिया जाय। यदि कोई कर्मचारी घोषणा पत्र नहीं देता है तो उसके विरुद्ध कार्यवाही कराने का कष्ट करें। पत्र सभी विभागों को भेज दिया गया है और उनके विभागों में कार्यरत सभी कर्मचारियों से यह प्रमाण पत्र मांगा गया है। योगी सरकार के इस कदम को खूब सराहा जा रहा है और इसकी प्रशंसा भी की जा रही है।
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