Home Latest News डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति का पदभार सोमवार को...

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति का पदभार सोमवार को प्रो. विनीत कंसल ने ग्रहण किया

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति का पदभार सोमवार को प्रो. विनीत कंसल ने ग्रहण किया। उन्होंने दो प्राथमिकताएं बताईं। पहली नई एजुकेशन पॉलिसी को क्रियान्वित करना और दूसरा छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना। नई एजुकेशन पॉलिसी को पूरी तरह लागू करने, पॉलिसी के आधार पर कोर्स निर्माण और बदलाव के लिए सबसे पहले ही जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जा रहा है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर नई शिक्षा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके साथ कुलपति ने कहा कि बीटेक और बी-आर्क के प्रवेश जेईई की मेरिट के आधार पर लिए जाएंगे एवं अन्य कोर्स के लिए यूपीटीईटी परीक्षा के माध्यम से लिए जाएंगे। पांच और छह सितम्बर में परीक्षा प्रस्तावित है। 17, 18 सितम्बर तक हमारे पास परिणाम आए जाएंगे और कांउसिलिंग शुरू कर दी जाएगी। अक्टूबर से नए शैक्षिक सत्र प्रारंभ कर दिया जाएगा।
इससे पूर्व डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने सोमवार को अपना पदभार विवि के प्रतिकुलपति प्रो विनीत कंसल को हस्तांतरित कर दिया है। इस अवसर पर विवि के घटक संस्थान आईईटी, लखनऊ द्वारा सोमवार को एक औपचारिक कार्यक्रम कर उन्हें विदाई दी गयी। संस्थान के निदेशक प्रो विनीत कंसल ने उन्हें मोमेंटो देकर सम्मानित किया। प्रो. विनय पाठक कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति हैं।
प्रो. विनय पाठक ने एकेटीयू को दी नई दिशा
एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति रहे प्रो. विनय पाठक के दौरान विश्वविश्वविद्यालय ने कई उपलब्धियां अर्जित कीं। गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा की सुनिश्चितता के लिए पांच बड़ी चुनौतियां थीं, जिनमें राजकीय एवं अनुदानित तकनीकी संस्थानों में शिक्षकों की कमी पूर्ण करना, आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना, विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली का डिजिटलीकरण ट्रेनिंग और प्लेसमेंट की समुचित व्यवस्था करना तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को प्रस्तुत करने के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ़ एक्रिडिएशन (एन.बी.ए.) से राजकीय एवं अनुदानित उच्च शिक्षा संस्थानों को एक्रिडिएट करवाने लिए प्रयास करना। जिससे प्रो. विनय पाठक ने अपने छह साल के कार्यकाल में बखूबी अंजाम दिया।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा 280 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण की गयी है। साथ ही साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 200 करोड़ की पं0 दीन दयाल उपाध्याय गुणवत्ता सुधार योजना लागू की गयी है| इस योजना के सफल संचालन के उपरान्त वर्ष 2020 में रूपये 100 करोड़ की अतिरिक्त परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण संपन्न करवाए गया है। यूनिवर्सिटी इंडस्ट्री इन्टरफेस सेल का गठन किया गया है।
साथ ही एकेटीयू की पूरी कार्यप्रणाली डिजिटलीकृत हुई है। विवि में ई-ऑफिस को भी लागू किय गया है।इसके साथ ही छात्र-छात्राओं की समस्याओं के निराकरण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबोट की शुरुआत की गयी है। विश्वविद्यालय के 72 कर्मचारियों का विनियमितीकरण एक ऐतिहासिक निर्णय रहा। सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में गूगल द्वारा प्रदान किये गये एक लाख डालर से कोड लैब की स्थापना की गयी है।
विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन सत्रांत परीक्षाओं का संचालन शुरू किया। एकेटीयू में एक मेगावाट एवं आईईटी में एक मेगावाट के सोलर पॉवर प्लांट का शुभारंभ हुआ। एकेटीयू ई-ऑफिस लागू करने वाला प्रदेश का पहला प्राविधिक विश्वविद्यालय बना।

Previous articleएसबीआई ने एक नोटिस जारी कर ग्राहकों से कहा है कि 30 सितंबर 2021 से पहले अपने परमानेंट अकाउंट नंबर को आधार से लिंक कर लें
Next articleप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन सुविधा के लिए उज्ज्वला योजना-2 की शुरूआत करेंगे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here