कान का दर्द काफी दर्दनाक होता है और यह कई वजह से होने लगता है। कभी कान में गंदगी इत्यादि आ जाती है और वह पर्दे पर पर्त  जमा लेती है। जिस वजह से कान का दर्द होने लगता है। इसके अलावा कान के दर्द के और भी कई कई कारण हैं जैसे परदे में छेद हो जाना या फिर फोड़ा फुंसी इत्यादि कान के अंदर निकल आना। 
कान में लगातार गंदगी बनी रहने के कारण फोड़ा फुंसी निकल आते हैं। जिससे किसी भी व्यक्ति को असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ सकता है। आज मैं आपको इस लेख के माध्यम से कान में लगभग सभी तरह के होने वालों दर्दों के उपाय के बारे में बताऊंगा।
 यह आपको मालूम होगा कि कान का दर्द बहुत ही खतरनाक होता है ,जो दर्द के कारण जबड़े तक को हिला कर रख देता है लेकिन अगर कुछ सावधानियां रखी जाए तो कान के दर्द से निजात पाई जा सकती है।
कान के दर्द के लिए सावधानियां
कान को नियमित रूप से साफ रखें। इसके अलावा नियमित रूप से अपने कान का चेकअप कराते रहें। डॉक्टर के परामर्श अनुसार अगर कोई समस्या होती है तो इसका उपचार भी कराते रहें। कान में किसी तरह की लकड़ी इत्यादि ना डालें। इससे कान में जख्म हो सकता है। जिसके परिणाम काफी गंभीर हो सकते हैं।

कान का दर्द का घरेलू उपचार

आज मैं आपको जो घरेलू उपचार बताने जा रहा हूं। वह बहुत ही ज्यादा कारगर है। इसके उपयोग से हर तरह का कान का दर्द बंद हो जाता है। इतना ही नहीं इस उपाय से बहुत ही जल्द कान के दर्द से निजात भी मिल जाती है।
 इस उपाय को करने के लिए सबसे पहले आपको सुदर्शन नाम के पौधे की तलाश करनी होगी जो अक्सर घरों में उगाया जाता है। इस पौधे को गमले इत्यादि में भी उगाया जा सकता है। कान  के दर्द के लिए सबसे पहले सुदर्शन की एक पत्ती लंबी सी तोड़नी है। 
इसके बाद उसे तवा इत्यादि पर हल्का गुनगुना कर ले फिर उस पत्ती को रख दें और कुछ थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद लगभग 10 बूंद सरसों के तेल में सुदर्शन की उस पति को हाथ से मल कर उस का रस निकालने और उसे अच्छी तरह से सरसों के शुद्ध तेल में मिला लें।
तेल में मिलाने के बाद उस तेल को पुनः हल्का सा गुनगुना कर ले और जितना गुनगुना बर्दाश्त कर सके उतना गुनगुना कान में डालें। तीन से चार दिन ऐसा करने से कान की लगभग समस्त समस्याएं दूर हो जाती हैं और व्यक्ति परेशानियों से छुटकारा पा जाता है।
नोट-इस घरेलू उपचार को प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से एक बार परामर्श अवश्य ले लें।
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