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उत्तर प्रदेश में ट्रांसफर की राह देख रहे प्राइमरी शिक्षकों के लिए अच्छी खबर, आइए जाने

उत्तर प्रदेश में ट्रांसफर की राह देख रहे प्राइमरी शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है. दरअसल, प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण और शहरी काडर खत्म करने का फैसला लिया है. जिसके बाद प्राइमरी टीचर्स के ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों में और शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी. बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा, ”परिषद शिक्षा में शिक्षकों के शहरी और ग्रामीण काडर को समाप्त किया जाएगा. इससे शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों में ट्रांसफर करने में आसानी होगी. उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की संख्या काफी ज्यादा है और शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी है. काडर खत्म होने से शहरी क्षेत्र में शिक्षकों की कमी खत्म हो जाएगी.
बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी इसके साथ ही, नई शिक्षा नीति के तहत अंग्रेजी माध्यम के परिषद के स्कूलों को बंद करने का भी निर्णय लिया है. बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि अंग्रेजी माध्यम के परिषद के स्कूल खोले गए थे, लेकिन अब नई शिक्षा नीति में इसे बंद कर दिया जाएगा. सभी स्कूलों में मातृभाषा में शिक्षा होगी और इसे तैयार कर लिया गया है. उन्होंने कहा, “प्रधानाध्यापकों को टैबलेट दिए जाने हैं. इसके लिए एक समिति आईआईटी कानपुर की राय लेगी. इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
2016 से शिक्षकों का नहीं हुआ है प्रमोशन
बेसिक शिक्षा मंत्री शिक्षकों को प्रमोट करने की भी प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा है. गौरतलब है कि प्राथमिक शिक्षकों को प्रमोट करने का फैसला 5 साल बाद लिया गया है. बेसिक शिक्षा मंत्री के बयान के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही शिक्षकों को प्रमोट करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसका लाभ यूपी के 1.4 लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 3 लाख सहायक शिक्षक और प्रधानाध्यापकों को मिलेगा. बता दें कि प्राथमिक विद्यालयों में 10 हजार से अधिक प्रधानाध्यापक पद खाली पड़े हैं. ऐसे में मंत्री के द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के सहायक शिक्षकों की पदोन्नति में कोई विवाद लंबित नहीं होने पर उनके प्राथमिक प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नत करने का निर्देश जारी किया गया है.

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