Home Health Tips इन पांच बीमारियों में वरदान है इलायची का सेवन, आइए जानें

इन पांच बीमारियों में वरदान है इलायची का सेवन, आइए जानें

इलायची का सेवन आमतौर पर मुखशुद्धि के लिए अथवा मसाले के रूप में किया जाता है। यह दो प्रकार की आती है- हरी या छोटी इलायची तथा बड़ी इलायची। जहाँ बड़ी इलायची व्यंजनों को लजीज बनाने के लिए एक मसाले के रूप में प्रयुक्त होती है, वहीं हरी इलायची मिठाइयों की खुशबू बढ़ाती है। मेहमानों की आवभगत में भी इलायची का इस्तेमाल होता है। लेकिन इसकी महत्ता केवल यहीं तक सीमित नहीं है। यह औषधीय गुणों की खान है। संस्कृत में इसे एला कहा जाता है।
जीवन में सबसे ज्यादा उपयोग में लाए जाने वाला चीज इलायची ही है, जिसका हर घर में उपयोग किया जाता है। यह एक ऐसा चीज है जिसे हम लोग सभी बीमारियों में प्रयोग कर सकते हैं। इलायची मुख्य रूप से मुंह की दुर्गंध दूर करने में सहायक होता है। प्रतिदिन एक से दो इलायची खाने से मुंह से आने वाली दुर्गंध से छुटकारा मिलता है। आंखों की रोशनी बढ़ाने में इलायची बहुत ही कारगर साबित होता है।
मुख्य रूप से यह दिमाग को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, इसके लिए प्रतिदिन इलायची के दानों को पीसकर पिस्ता और बादाम के साथ मिलाकर खाने से दिमाग तेज होता है। पाचन क्रिया अगर सही ढंग से काम नहीं कर रही है तो उस समय इलायची खाना फायदेमंद साबित होता है। यह हमारे पाचन तंत्र का को सही दिशा प्रदान करता है।
कई लोगों को ट्रेन, कार, बस में सफर करने के दौरान उल्टी आने लगती है, अतः ऐसे समय में अगर इलायची के दो से तीन दाने खा लिया जाए तो उल्टियां स्वत: ही बंद हो जाती है। यदि खराश है तो इलायची के दानों को पीसकर गुनगुने पानी के साथ लेने से बैठी हुई आवाज ठीक हो जाती है।
अधिकतर ठंड के मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम में हर घर में प्राय: काली मिर्च, अदरक, लॉन्ग और इलायची को एक साथ मिलाकर काढ़ा पीने से सर्दी, खांसी, जुकाम से राहत मिलती है। मुंह में होने वाले छाले मुहांसे होने पर इलायची के दानों को पीस ले और मिश्री के साथ उसे मिलाकर मुंह में रखने पर छाले, मुंहासे जड़ से खत्म हो जाते है।

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