Home Latest News आस्था के आगे फीका दिखा कोरोना व धारा 144 का कहर

आस्था के आगे फीका दिखा कोरोना व धारा 144 का कहर

विश्वविख्यात धार्मिक नगरी नैमिषारण्य में आषाढ़ी अमावस्या के पर्व पर एक दिन पूर्व से देर शाम से ही श्रद्धालुओं की चहल कदमी शूरु हो गयी थी लेकिन जैसे जैसे शाम ढलते ही श्रद्धालुओं व पटरी दुकानदारों सहित तीर्थ पुरोहितों पर मायूसी सी दिखने लगी थी क्योंकि सूर्य ढलते ही चौकी इंचार्ज रत्नेश त्रपाठी भारी पुलिस बल साथ लाउडस्पीकर से चुनावी हवाला देते हुए जनपद में धारा 144 लागू होने के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए मेला न लगने का संदेश दे डाला सुबह होते ही भीड़ और अधिक बढ़ने पर चक्र तीर्थ व मंदिर ललिता देवी का मुख्यद्वार बंद करवा दिया गया और चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था के आगे सब बेरंग सा दिखाई देने लगा श्रद्धालुओं ने ललिता मैया के जयकारे के साथ ही कूच कर दिया काफी जद्दोजहद के बाद मजबूरन मंदिर ललिता देवी सहित चक्र तीर्थ परिसर के द्वारों को प्रसाशन को खुलवाना ही पड़ा जिसके बाद से ही श्रद्धालुओं ने चक्र तीर्थ व गोमती नदी में स्नान पूजन दान के साथ दिन की सुरुवात की साथ ही ललिता देवी मंदिर, व्यासगद्दी, सूतगद्दी, कालीपीठ, हनुमानगढ़ी,रामजानकीबद्रीनारायण धाम,गयात्री पीठ,आदि प्रमुख स्थानों पर माथा टेका पुलिस प्रशासन द्वारा कोविड के प्रति जागरूकता अभियान की जानकारी दी गई आषाढ़ मास में पड़ने वाली अमावस्या को आषाढ़ी अमावस्या भी कहा जाता है। हमारे धर्म शास्त्रों में आषाढ़ी अमावस्या के दिन किए गए दान का विशेष महत्व माना गया है, शुक्रवार को पडने के कारण इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है ऐसी मान्यता है कि आषाढ़ी अमावस्या के दिन स्नान-दान करने से घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है और लक्ष्मी माँ की कृपा बनी रहती हैं।

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